शिवपुरी। 30 हजार रूपए के कु यात ईनामी डकैत गिरोह के सरगना चंदन गड़रिया के सफाये से उत्साहित शिवपुरी पुलिस का ध्यान अब डकैत उपाई यादव की ओर केन्द्रित हो गया है। पिछले आठ साल से सक्रिय डकैत गिरोह सरगना उपाई यादव जिले के तेन्दुआ, छर्च और कोलारस थाना क्षेत्र में दर्जनों बारदातों को अंजाम दे चुका है।
बदरवास थाना क्षेत्र में उपाई यादव गिरोह बस लूट काण्ड को भी अंजाम दे चुका है। 5 सदस्सीय गिरोह के सरगना उपाई यादव को इतना चतुर और चालाक माना जाता है कि जिले में बारदात करने के बाद वह राजस्थान की ओर कूच कर जाता है।
यही कारण है कि आठ साल में भी पुलिस उसका और उसके गिरोह का बाल बांका भी नहीं कर पाई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि चंदन गड़रिया की प्रेमिका चंदा गड़रिया की चुनौती को वह गंभीर नहीं मानते और ऐसा विश्वास है कि एक सप्ताह के भीतर या तो चंदा आत्म समर्पण कर देगी अथवा पुलिस मुठभेड़ में मार दिया जाएगा।
डकैत उपाई यादव गिरोह ने शिवपुरी जिले में काफी ल बे समय से कोई बड़ी बारदात नहीं की है लेकिन जिले में उसकी उपस्थिति के प्रमाण पुलिस को मिलते रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि डकैत उपाई यादव की रणनीति इस तरह की है कि पुलिस का उसकी तरफ ध्यान केन्द्रित न होने पाये।
इसलिए वह अधिकतर ऐसी बारदातों को अंजाम देता है जिनकी भनक पुलिस को न हो और जिसकी रिपोर्ट भी फरियादी लिखाने में संकोच करें। डकैत उपाई यादव ने इसी रणनीति पर काम करते हुए जिले में वन क्षेत्र में फार्म हाउस पर जाकर वसूली की कार्यवाही की है।
उपाई यादव के गिरोह में यूं तो पांच सदस्य बताये जाते हैं, लेकिन दस-दस हजार रूपए के ईनामी डकैत संग्राम गुर्जर और रामसेवक यादव उसके गिरोह के नियमित सदस्य हैं। बारदातों के लिए वह अन्य सदस्यों का केज्यूअल रूप में उपयोग करता है। उपाई यादव के अलावा अब जिले में मु य रूप से चंदा गड़रिया और भुजा गड़रिया सूची बद्ध डकैैत है।

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