शिवपुरी। आज जनशिक्षा केन्द्र के डीपीसी शिरोमणि दुबे द्वारा शिक्षा विभाग में एक बडा बदलाव देखने को मिला। 4 सालों से डटे 117 सीएसी और 9 बीएसी को भारमुक्त कर दिया है। जबकि शिरोमणि साहब भी इस कुर्सी पर पिछले पांच सालों से चिपके हुये हैं। यह नियम बीएसी और सीएसी के ऊपर तो लागू होता है परंतु क्या यह नियम डीपीसी शिरोमणि साहब के ऊपर लागू नहीं होता है।
इस पूरे घटनाक्रम से शिक्षा विभाग में हडकंप निर्मित हो गया है। वहीं इस पूरे मामले में कहीं ना कहीं तो भ्रष्टाचार की बू महसूस की जा रही है। पुराने बीएसी और सीएसी को भारमुक्त कर नये बीएसी और सीएसी की नियुक्ति के दौरान एक बडा घोटाला सामने आने की संभावना है। यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
इनका कहना है
चार साल से अधिक समय से पदस्थ 117 सीएसी और 9 बीएसी को भारमुक्त किया गया है। इसी सप्ताह में नयी नियुक्तियॉं की जायेंगी।
शिरोमणि दुबे, डीपीसी, शिवपुरी

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।