शिवपुरी। अगर देश का सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर दिल्ली है तो मप्र का सबसे प्रदुषित शहर शिवपुरी का माना जा सकता है। यह बात पॉल्यूशन बोर्ड गुना के जूनियर साईटिस्ट ाी माना जा सकता है।
सीवर प्रोजेक्ट के काम के चलते शहर के सडके असमय काल के गाल में समा गई और दिन भर धूल के उडते बादलो के कारण शहर अब बिमारीयों का हब बन चुका है। शहर में उडती धूल के कारण सांस लेना मुंंश्किल हो गया है।
डॉक्टरो का कहना है कि पिछले कुछ समय से सासं लेने और दमा के मरीज बढ रहे है। श्वांस के जरिए धूल के कण श्वांस नलिका में जमा होते है। लंग्स पर मिट्टी की परत चढने से उनका लचीलापन कम हो जाता है।
उस बीमारी को सिलिकोसिस कहते है। फिर लंग्स में परमानेंट चेंज आ जाने के बाद वो फैल हो जाते है। जब फेफंडे ही काम नी करेंगें तो इंसान की सासें थम जाऐंगी। इससे सांस नही त्वाचा रोग और सर्दी जुकाम और आंखो के मरिज भी बढ रहे है।

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