कोल्ड ड्रिंक की बोतल में निकला मरा झींगुर

Updesh Awasthee
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शिवपुरी। आज उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष न्यायाधीश एके वर्मा और सदस्य श्रीमती अंजू गुप्ता ने फैंटा की बोतल में मरा झींगुर के मामले की शिकायत की सुनवाई करते हुए कंपनी और डीलर पर जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया है।

जानकारी के अनुसार जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम ने फैंटा की बोतल में मरा हुआ झींगुर पाए जाने पर अनावेदक हिन्दुस्तान कोकाकोला बेवरेज प्रायवेट लिमिटेड ग्राम पीलूखेड़ी तहसील नरसिंहगढ़ और शिवपुरी जिले के वितरक एके ट्रेडिंग कंपनी विवेकानंदपुरम् शिवपुरी को सेवा में कमी का दोषी माना है।

आवेदक शाकिर हुसैन पुत्र असलम खान निवासी ह माल मोहल्ला छावनी शिवपुरी की शिकायत का निवारण करते हुए उपभोक्ता फोरम ने उसे हुई मानसिक क्लेश की क्षतिपूर्ति हेतु निर्माता फर्म हिन्दुस्तान कोकाकोला बेवरेज को पांच हजार रूपये एक माह के अंदर अदा करने का आदेश दिया।

एक माह की अवधि में राशि अदा न होने पर शिकायतकर्ता को 7 प्रतिशत वार्षिक की दर से उक्त राशि पर ब्याज भी मिलेगा। यही नहीं फोरम ने शिवपुरी जिले की वितरक कंपनी एके ट्रेडिंग को भी जि मेदार मानते हुए उसे भी आवेदक को एक माह में पांच सौ रूपये अदा करने का आदेश दिया।

दोषी कंपनी और वितरक को भी संयुक्त रूप से अथवा पृथक-पृथक रूप से प्रकरण व्यय पांच सौ रूपये अदा करने का भी आदेश दिया गया।

शिकायतकर्ता शाकिर हुसैन ने अपने अभिभाषक अशरफ जाफरी के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में शिकायत प्रस्तुत की कि उसने हेमन्त किराना स्टोर कलारगली शिवपुरी से दस रूपये में फैंटा की बोतल 30 मई 2012 को खरीदी।

बोतल खोलने से पहले निरीक्षण के दौरान उसने देखा कि बोतल में या तो मरा हुआ झींगुर है या अन्य किसी कीट की टांगें अथवा धड़ है। यह देखकर शिकायतकर्ता का रक्तचाप बढ़ गया और उसे लगा कि यदि बोतल का पेय बिना देखे वह सेवन कर लेता तो उसकी जान जोखिम में पड़ जाती।

यह देखकर उसे मानसिक क्लेश उत्पन्न हो गया और उसने उपभोक्ता फोरम की शरण ली। फोरम के समक्ष मु य विवादित प्रश्र यह था कि क्या अनावेदक कंपनी और वितरक फैंटा की बोतल में झींगुर या अन्य कीट पाए जाने के कारण सेवा में कमी के दोषी है।

फोरम के न्यायाधीशगणों ने इस आधार पर कि आवेदक द्वारा प्रस्तुत किए गए साक्ष्य का अनावेदकगणों ने कोई खंडन नहीं किया है इस कारण उक्त साक्ष्य पर अविश्वास किए जाने का कोई प्रश्र नहीं होता है।

आवेदक को दोषयुक्त फैंट की बोतल प्रदाय किए जाने से उसे मानसिक क्लेश उत्पन्न हुआ है। इस कारण वह क्षतिपूर्ति व प्रकरण व्यय प्राप्त करने का अधिकारी है।
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