शिवपुरी। दतिया जिले के इंदरगढ में रहने वाले एक कुशवाह परिवार ने अपनी बहू को एक लाख रूपए का दहेज न लाने के कारण उसकी मारपीट कर उसे घर से भगा दिया। वहीं जब पीडि़ता का पिता और ताऊ सुलह कराने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी भी मारपीट कर उन्हें भगा दिया और कल पीडि़ता ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध करा दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रचना कुशवाह निवासी कलेक्टर बगले के पास का विवाह 30 फरवरी 2014 को दतिया के इंदरगढ़ में रहने वाले अनुराग उर्फ विजय कुशवाह के साथ हिन्दू रीतिरिवाज के अनुसार किया गया था।
उस समय रचना के पिता ने करीब दो लाख रूपए नगदी और सामान दिया था। शादी के चार माह बाद ही रचना का पति विजय सास शारदा बाई ननद रानू कुशवाह ने उसे एक लाख रूपए मायके से लाने के लिए दवाब बनाना शुरू कर दिया और उसे आरोपी शारीरिक एवं मानसिक रूप से प्रताडि़त करने लगे।
इसके बाबजूद भी वह जब दहेज के रूपए नहीं दे पाई तो उसे ससुराल से भगा दिया। इसके बाद वह अपने पिता करन सिंह के घर आ गई। जब पिता ने उसकी पूरी कहानी सुनी तो उसका पिता करन सिंह और ताऊ रामसिंह सुलह करने के लिए इंदरगढ़ पहुंचे जहां आरोपियों ने दोनों की पिटाई लगाई और उन्हें भगा दिया।
तब पीडि़ता ने एक शिकायती आवेदन पुलिस को सौंपा और जांच के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए 3/4 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।


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