शिवपुरी। नगर पालिका परिषद में आयोजित परिषद की बैठक में शिवम् कंस्ट्रक् शन के एक टैंडर को लेकर पार्षर्दो में विवाद हो गया। यह विवाद केवल भाजपा के पार्षर्दो में हुआ और कांग्रेस के पार्षद दूर रह कर इस विवाद के मजे लिए।
बताया गया है कि में भाजपा पार्षदों में उस समय फूट पड़ गई जब पार्षद पंकज महाराज ने सड़क निर्माण की न्यूनतम दर बिलो 23 प्रतिशत डालने वाले ठेकेदार फर्म शिवम कंस्ट्रक्शन को काम देने का विरोध किया। पार्षद पंकज महाराज का कहना था कि इस कंपनी को पूर्व की परिषद में ब्लैक लिस्टेड कर दिया है इस कारण इस कंपनी को काम नही दिया जाए।
उनका समर्थन कांग्रेस और भाजपा के कुछ पार्षदों ने भी किया। ऐसा लग रहा था कि दूसरी न्यूनतम दर डालने वाली फर्म पूर्वी इंफ्रास्टे्रक्चर की दर स्वीकृत हो जाएगी। उसी समय भाजपा पार्षद भानु दुबे खुलकर शिवम कंस्ट्रक्शन के पक्ष में आए।
उनका तर्क था कि फर्म को ब्लैक लिस्टेड परिषद नहीं, बल्कि राज्य सरकार करती है। दूसरा तर्क उनका यह था कि यदि शिवम से ढाई प्रतिशत दर अधिक डालने वाली फर्म को ठेका दिया गया तो इस ढाई प्रतिशत अधिक राशि की भरपाई कौन करेगा।
भानु दुबे के पक्ष में जहां गौरव चौबे आए वहीं अधिकांश पार्षद उनके खिलाफ खड़े दिखे। इसी बीच यह सुझाव भी दिया गया कि दोबारा टेण्डर डाले जाएं, लेकिन इससे सड़क निर्माण में देरी होगी इसलिए इस सुझाव को दरकिनार कर दिया गया।
अंतत: इस मुद्दे पर मतदान कराने का निर्णय लिया गया और श्री दुबे ने सोच विचार के लिए 15 मिनट के लिए परिषद स्थगित करने का सुझाव रखा जिसे मान लिया गया।
बाद में परिषद जब बैठी तो पार्षद पवन शर्मा आदि ने इस मामले में कानूनी सलाह के लिए समय मांगा और उनकी बात को मानकर परिषद 21 सित बर तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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