जनपद सीईओ ने पंचायत सचिव पर एफआईआर के निर्देश दिए

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शिवपुरी- ग्राम पंचायत नौहरीकलां में पंचायत सचिव बृजेश शर्मा ने आरोप लगाया कि उसे तत्कालीन सचिव प्रबल प्रताप सिंह द्वारा ना तो संपूर्ण अभिलेख दिए गए और ना ही सामग्री, इसकी शिकायत जब बृजेश शर्मा ने सीईओ जनपद को की तो उन्हेांने अपने आदेश क्रं.495-497 दिनांक 8.4.2015 को नौहरीकलां के तत्कालीन सचिव के विरूद्ध पुलिस में एफआईआर के निर्देश दिए।

इसके बाद भी आज दिनांक 15 अप्रैल तक ना तो कोई पुलिस में एफआईआर दर्ज हुई और ना ही अभी तक वर्तमान सचिव को संपूर्ण रिकॉर्ड सौंपा गया। इसके अलावा पूर्व सरपंच प्रीतम आदिवासी ने भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी और उसके कार्यकाल की जांच की गुहार भी लगाई, यहां प्रीतम ने आरोप लगाया कि उसके कार्यकाल के समय सचिव ने अपनी मनमर्जी से कार्य किए जिसके अभिलेख उसे भी नहीं दिए गए।

इस तरह यह पूरा मामला तत्कालीन सचिव प्रबल प्रताप सिंह के ईर्द-गिर्द घूम रहा है और इस पूरे मामले की जांच की मांग वर्तमान सचिव, पूर्व सरपंच द्वारा की गई लेकिन अ ाी तक ना तो सीईओ के निर्देशों पर अमल हुआ और ना ही संपूर्ण अभिलेख व सामग्री वर्तमान सचिव को प्राप्त हुए।

बताया जाता है कि तत्कालीन सचिव ने अपने ग्राम नौहरीकलां में सचिवीय कार्यकाल के दौरान राशि एकत्रित कर 40 बीघा भूमि परिजनों के नाम से खरीदी है इसके अलावा अन्य करोड़ों की प्रॉपर्टी भी है जिसके चलते संपूर्ण मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

मांगी है संपूर्ण कार्यकाल के अभिलेख और सामग्री की जानकारी
वर्तमान सचिव बृजेश शर्मा ने लिखित रूप से जनपद सीईओ को शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2004-05 से लेकर 2014-15 तक में ग्राम के विभिनन कार्यों के निर्माण की सूची, मनरगा, मु यमंत्री आवास योजना, इन्द्रा आवास कुटीर, ग्राम पंचायत द्वारा भू-आवंटन की सूची, सूखा राहत निर्माण कार्यों की फाईल व मस्टर व्हाउचर, ग्रामसभा उपस्थित, ग्राम पंचायत मस्टर व्हाउचर फाईल, रसीद कट्टा, व ग्राम सभा व ग्राम पंचायत एजेंडा आदि सहित अन्य ग्राम के ऐसे कार्य जो ग्रामों में होने थे परन्तु हुए नहीं और इनका लेखा जोखा मय दस्तावेज के तत्कालीन सचिव द्वारा नहीं दिया गया।

पूर्व सरपंच ने दी आत्मदाह की धमकी
ग्राम पंचायत नौहरीकलां के तत्कालीन सचिव प्रबल प्रताप सिंह के कारनामों को लेकर पूर्व सरपंच प्रीतम आदिवासी ने कलेक्टर को भी लिखित शिकायत कर सचिव के कार्यकाल की जानकारी दी थी ओर कई भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए थे। जिसे लेकर प्रीतम आदिवासी ने इस पूरे मामले और सचिव के कार्यकाल की जांच को लेकर कलेक्ट्रेट व जनपद पंचायत शिवपुरी के सामने भूख हड़ताल भी की थी जिसे बाद में झूठे आश्वासन देकर उठा दिया गया और आज भी यह मामला यूं ही पड़ा है।

इस मामले में प्रीतम आदिवासी का कहना है कि तत्कालीन सचिव प्रबल प्रताप सिंह के कार्यकाल की जांच निष्पक्ष होनी चाहिए, इसके अलावा इनकी संपत्ति व कार्यकाल के दौरान किए गए संपूर्ण अभिलेखों व सामग्री की भी जांच हो, यदि ऐसा नहीं होता है तो मैं स्वयं किसी भी समय आत्मदाह करने को बाध्य होउंगा।

इनका कहना है-
ग्राम पंचायत नौहरीकलां की शिकायत हमारे सामने आई है इस मामले में एफआईआर के निर्देश दिए गए है और रही बात सचिव के कार्यकाल की तो वह जांच भी कराऐंगें।
डी.एम.शास्त्री
सीईओ, जनपद पंचायत शिवपुरी

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