शिवपुरी ब्यूरो। 1008 श्री पाश्र्वनाथ दिग बर जैन मंदिर (छत्री जैन) पर नव दिवसीय नवग्रह शांति महामंडल विधान का आयोजन बड़े ही धूमधाम के साथ किया जा रहा है। यह विधान 21 मार्च से प्रारंभ होकर 29 मार्च तक चलेगा।
विधान के पहले दिन मुनि सुव्रतनाथ विधान, दूसरे दिन कल्याण मंदिर विधान,तीसरे दिन चन्द्रा प्रभू विधान,चौथे दिन वासु पूज्य विधान,पांचवे दिन शांतिनाथ विधान, छटवे दिन महावीर भगवान विधान, सातवें दिन मलिनाथ विधान, आठवे दिन नेमीनाथ विधान एवं नवे दिन भगवान श्री पाश्र्वनाथ विधान का आयोजन किया जा रहा हैं। इनमें से प्रारंभ के तीन विधान संपन्न हो चुके हैं।
आज भगवान श्री वासुपूज्य विधान संपन्न होगा। यह धार्मिक कार्यक्रम परम पूज्य आचार्य श्री विशुद्ध सागर जी महाराज के परम शिष्य पूज्य श्री क्षुल्लक 108 विगुण सागर जी महाराज के सानिध्य में कराया जा रहा हैं। संगीत में हो रहे इस विधान प्रात: से लेकर देर दोपहर तक मंदिर पर धर्म गंगा वह रही हैं।
देर शाम 7 बजे मंदिर पर गुरू भक्ति का आयोजन किया जा रहा हैं तथा रात्रि आठ बजे श्रीजी की आरती संगीतमय की जा रही हैं। क्षुल्लक श्री विगुण सागर जी महाराज ने आज प्रात: हुई एक धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रहों से जो लोग पीडि़त हैं वो उन लोगों को पूजा अर्चना करने से शांति की प्राप्ति होगी। इसी कारण इस नवग्रह विधान का आयोजन कराया जाता हैं।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।