इंस्पायर अवार्ड घोटाला: 147 में से 68 आए, बाजार से रेडीमेड मॉडल लाए

shailendra gupta
शिवपुरी। मंगलवार से शुरू हुई जिला स्तरीय इंस्पायर अवार्ड विज्ञान प्रदर्शनी जिन 147 छात्रों का पंजीयन इस प्रदर्शनी के लिए हुआ था, इसमें से पहले दिन मात्र 68 बच्चे ही अपने मॉडल लेकर आए। शेष 79 बच्चे विभाग से 5 हजार रुपए की राशि लेने के बाद भी मॉडल लेकर नहीं आए। दूसरे दिन बुधवार को संख्या बढ़कर 83 जरूर हुई फिर भी 64 छात्र गायब रहे।

पहले दिन जो 79 बच्चे अपने मॉडल लेकर नहीं आए उन्हें दी गई 5 हजार रुपए की राशि कैसे वापस मिलेगी, इसको लेकर अधिकारी चुप्पी साध गए। इस बारे में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पहले दिन अनुपस्थित रहने वाले बच्चे दूसरे और तीसरे दिन अपनी उपस्थिति दर्ज करा देते हैं तो उन्हें प्रवेशित मान लिया जाएगा। दूसरे दिन यानि बुधवार को 17 बच्चे जरूर बढ़े लेकिन फिर भी कई छात्र पैसे लेने के बाद भी मॉडल लेकर यहां नहीं आए। कुल मिलाकर अधिकारियों का रुख मॉडल लेकर आने वाले छात्र और संबंधित स्कूल के शिक्षक के प्रति नरम था।

पहले दिन जो 68 बच्चे अपने विज्ञान मॉडल लेकर आए उसमें अधिकतर मॉडल बाजार से रेडीमेड खरीदे गए थे। यह मॉडल जांच के घेरे में हैं। बाजार से 250 से 700 रुपए में खरीदे गए इन मॉडलों की जांच के लिए मूल्यांकन समिति है। अब इस समिति की रिपोर्ट के बाद क्या कार्रवाई होती हैए इस पर सबकी नजर है। पहले दिन कलेक्टर ने जब निरीक्षण किया तो एक जैसे मॉडल देखकर उन्होंने भी आश्चर्य जताया था।

शायद विभाग की अनदेखी के कारण ही नही आते है बच्चे
बाल वैज्ञानिकों को रात के समय जिला मु यालय पर ही रुकना था, लेकिन यह बाल वैज्ञानिक शिवपुरी में रुकने की बजाय जिन स्थानों से आए थे, वहीं वापस हो गए। इन छात्रों को रोकने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कोई पहल नहीं की। जिन दो स्थानों पर इन छात्रों को ठहराने की व्यवस्था की गई वहां पर कुछ ही छात्र रुके। रात को जो छात्र ठहरे उन्हें मात्र सब्जी पूडी ही खाने में दी गई।
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