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| अधूरी पडी कुटीर |
संतोष कुमार शर्मा
पोहरी-पोहरी से महज 1500 मीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत ग्वालीपुरा के आदिवासी बाहुल्य ग्राम सौनीपुरा में दो दर्जन कुटीरों की स्वीकृति आदिम जाति कल्याण विभाग से दी गई थी। जिसकी राशि भी ग्राम पंचायत के खाते में आने के बाद भी कुटीरों का निर्माण नहीं कराया गया उल्टा आदिवासियों से पत्थर एवं मजदूरी कराई जा रही है। आदिवासियों ने एसडीएम पोहरी को दिये शिकायती आवेदन में कुटीरों की राशि सरपंच सचिव द्वारा हडपने का आरोप भी लगाया है।
ग्राम पंचायतें किस तरह जरूरतमंदों के नाम पर शासन द्वारा आने वाली राशि का दुरूपयोग कर रही हैं इसका खुलासा सौनीपुरा के आदिवासियों द्वारा दिये शिकायती आवेदन से हुआ है। बुधवार के रोज एसडीएम पोहरी के कार्यालय में गुहार लगाने पहुंचे आदिवासीयों ने बताया कि सरपंच सचिव ने 35 हजार रू की राशि के मान से स्वीकृत हुई 25 कुटीरों में से महज चार कुटीरों का निर्माण ही शुरू कराया है उसमें भी पत्थर एवं फर्सी का पैसा हमसे ही लगवाया जा रहा है साथ ही मजदूरी भी हम लोगों से ही लगवाई जा रही है। पंचायत द्वारा केवल सीमेन्ट, रेता एवं कारीगर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। सीताराम पुत्र हरि, राघेश्याम पुत्र भरोसी, मुरारी पुत्र रंजीता, प्रकाश पुत्र परसादी, सीताराम पुत्र मुरारी, गनेशी पुत्र भगोली, शिवचरण पुत्र भगोली, चरण पुत्र देवीलाल, बाईसराम पुत्र जगराम सभी आदिवासीयों ने मिलकर एसडीएम पोहरी को शिकायत की है।
क्या है मामला -
आदिम जाति विभाग से आदिवासियों के लिये स्वीकृत होने वाली कुटीरों की राशि तीन किस्तों में पंचायत के खाते में जमा कराई जाती है। सबसे पहले स्वीकृत कुटीरों के लिये ४० प्रतिशत राशि पंचायत के खाते में भेजी जाती है, दूसरी किस्त भी ४० प्रतिशत की राशि की होती है। इसके बाद बची हुई २० प्रतिशत की राशि का भुगतान कार्यपूर्ण करने के बाद किया जाता है परंतु यहां तो २५ कुटीरों में से महज चार कुटीरों को ही बनाया जा रहा है और राशि २५ कुटीरों की भेजी गई है।
आदिम जाति विभाग से आदिवासियों के लिये स्वीकृत होने वाली कुटीरों की राशि तीन किस्तों में पंचायत के खाते में जमा कराई जाती है। सबसे पहले स्वीकृत कुटीरों के लिये ४० प्रतिशत राशि पंचायत के खाते में भेजी जाती है, दूसरी किस्त भी ४० प्रतिशत की राशि की होती है। इसके बाद बची हुई २० प्रतिशत की राशि का भुगतान कार्यपूर्ण करने के बाद किया जाता है परंतु यहां तो २५ कुटीरों में से महज चार कुटीरों को ही बनाया जा रहा है और राशि २५ कुटीरों की भेजी गई है।
- कैसे बनेगी -
- कुटीर हेतु स्वीकृत राशि 3500 प्रति कुटीर
- कुटीर का आकार 10x12 फुट
- पंचायत को मिली राशि 3 लाख 50 हजार रू
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| अतेन्द्र सिंह गुर्जर एसडीएम, पोहरी |
कुटीरों के सम्बंध में आदिवासियों ने शिकायत की है, मैंने जाँच के लिये जनपद पंचायत सीईओ को लिखा है जाँच के बाद आगे कार्यवाही की जायेगी।


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