शिवपुरी। शिवपुरी जिले की बिजली कंपनी के मध्यप्रदेश के सरकार के शिवपुरी जिले के सरकारी विभागो पर 53.93 करोड़ रूपए का बिजली का बिल बकाया है। इस रकम को सीधे शब्दो मे लिखे तो आधा अरब की बिजली का पेमेंट बकाया है। बिजली विभाग इन सरकारी विभागो से अपना बकाया वसूलने मे असमर्थ दिखाई दे रहा है,यह बिजली कंपनी के अंधे कानून का चेहरा है कि किसी आम नागरिक का मात्र कुछ हजार रूपए बकाया होता है तो उसका बिजली कनेक्शन काट दिया जाता है,लेकिन बिजली विभाग की कैंची आधा अरब वसूलने के लिए चल रही है।
भोपाल की चिट्ठी से टूटी नींद, महकमों में हड़कंप
लंबे समय से चल रही इस 'सरकारी उधारी' पर जब पानी सिर से ऊपर बहने लगा, तो मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल) के प्रबंध संचालक को अर्ध-शासकीय पत्र भेजना पड़ा। भोपाल से आए इस कड़े पत्र के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सभी संबंधित विभागाध्यक्षों को तत्काल बकाया भुगतान के सख्त निर्देश जारी किए हैं। साथ ही, आगामी समय-सीमा (टीएल) बैठक में इसकी कड़ी समीक्षा की चेतावनी दी है।
सवालों के घेरे में सिस्टम, क्या सरकारी दफ्तरों के लिए अलग है कानून
इस पूरे मामले ने बिजली कंपनी की कार्यप्रणाली पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आम जनता से वसूली के लिए कुर्की और कनेक्शन काटने जैसा सख्त रवैया अपनाने वाले अधिकारी, करोड़ों रुपए दबाए बैठे सरकारी कार्यालयों की बिजली काटने की हिम्मत आखिर क्यों नहीं जुटा पाते? अब बड़ा सवाल यह भी है कि क्या कलेक्टर की इस सख्त चेतावनी के बाद सरकारी तिजोरी से इस भारी-भरकम बकाए का भुगतान हो पाएगा, या फिर यह आदेश भी सरकारी फाइलों में ही दबकर रह जाएगा?
पंचायत और नगरीय विकास विभाग सबसे बड़े डिफॉल्टर
जानकारी मिल रही है कि इस आधा अरब के बकाए मे शिवपुरी जिले के पंचायत एंव ग्रामीण विभाग सबसे पहले स्थान पर है,इस पंचायत विभाग पर 26.56 करोड रूपए बकाया है। वही नगरीय विकास एवं आवास विभाग 19.01 करोड रूपए,अन्य मप्र शासन विभाग 2.52 करोड रूपए, महिला एवं बाल विकास विभाग 2.50 करोड रूपए,स्कूल शिक्षा विभाग 1.61 करोड रूपए, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग 1.13 करोड रूपए,वन विभाग 0.64 करोड रूपए आदिम जाति कल्याण विभाग 0.54 करोड रूपए,लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) 0.40 करोड रूपए, जल संसाधन विभाग 0.33 करोड रूपए,गृह विभाग (पुलिस) 0.28 करोड रूपए,राजस्व विभाग 0.17 करोड रूपए,लोक निर्माण विभाग (PWD) 0.10 करोड रूपए,किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग 0.09 करोड रूपए और उच्च शिक्षा विभाग शिवपुरी पर 0.06 करोड रूपए रूपए बकाया है। इस प्रकार शिवपुरी जिल के सरकारी विभागो पर ₹53.93 करोड़ बकाया है।
कलेक्टर का सख्त रुख
विभिन्न विभागों पर बिजली बिल की भारी-भरकम राशि बकाया है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए हमने आगामी टीएल बैठक में सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को संपूर्ण रिकॉर्ड और स्पष्टीकरण के साथ उपस्थित होने के सख्त निर्देश दिए हैं।
अर्पित वर्मा, कलेक्टर, शिवपुरी
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