शिवपुरी। शहर के मेडिकल कॉलेज के पीछे नगर पालिका द्वारा 1030 पीएम आवास बनाए गए हैं। हालांकि इनमें कुछ आवास अभी पूरे नहीं बने हैं। अभी तक नगर पालिका 742 हितग्राहियों को यह आवास 2 लाख रुपए के हिसाब से दे चुकी है, लेकिन अब जो शेष 288 आवास बचे हैं, उनकी कीमत 4 लाख 30 हजार रुपए करने की तैयारी में नगर पालिका है। ऐसे में गरीब व बेघर लोगों का कहना है कि जी आवास अन्य लोगों को पहले 2 लाख रुपए में मिल गए, अब उसी आवास के 4 लाख 30 हजार रुपए कैसे देंगे।
पीएम आवास योजना के तहत हितग्राही को आवास देने का जो नियम था, उसमें अभी तक जिन हितग्राहियों को आवास दिए गए है, उनमें तीन लाख रुपए की सब्सिह मिलती थी, जिसमे डेढ़ लाख रुपए केन्द्र व डेढ़ लाख रुपए राज्य सरकार के शामिल थे। इसके अलावा हितग्राही को दो लाख रुपए देने होते थे। किन्तु अब नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों का सभी सीएमओ को आदेश है कि यह जगह 4 लाख 30 हजार रुपए में दिए जाएं।
उसके पीछे कारण यह है कि एक आवास को बनाने में करीब 7 लाख 23 हजार रुपए खर्च हुए है। इसमें प्लॉट या जमीन की कीमत शामिल नहीं है। इस 7 लाख 23 हजार रुपए की सरकार से मिलेगी और शेष राशि जी बची है, वह हितग्राही से लेना है। इस हिसाब से अब जो आवास हितग्राही की मिलेंगे उसकी दो लाख रुपए की जगह 4 लाख 30 हजार रुपए देने होंगे। नगरीय निकाय के इस नए आदेश के हालांकि यह आदेश अभी वरिष्ठ अधिकारियों ने मौखिक दिए हैं, लिखित आदेश आना अभी बाकी है।
नगर पालिका ने अभी तक जो 742 आवास हितग्राहियों को वितरित किए हैं. उसमें दी लाख रुपए में उस हितग्राही की आवास देना था जो कि झुग्गी झोपड़ी या स्लिम एरिया में निवास करता है। चूंकि शिवपुरी में ऐसी कोई चिन्हित स्लिम एरिया था नहीं तो जो भी पात्र हितग्राहियों ने नगर पालिका में आवास के लिए आवेदन किया, उसे दो लाख रुपए की राशिने यह पीएम आवास दे दिया गया। लेकिन अब समय के साथ परिस्थिति बदल गई हैं और जैसे ही वरिष्ठ अधिकारियों से राशि बढ़ाने के संबंध में लिखित आदेश मिलते हैं, से गरीब लोगों को आवास लेने के लिए दो गुनी से अधिक राशि खर्च करना होगी।
20 हजार रुपए देकर कराया था आवास बुक
आज से 10 साल पहले जब यह योजना शुरू हुई थी। उस समय लोगों ने 20-20 हजार रुपए देकर अपने-अपने लिए आवास बुक कराए थे। बाद में जिन-जिन लोगों ने शेष राशि 1 लाख 80 हजार रुपए दे दी, उनको नगर पालिका ने आवास की चाबी सौंप दी। इसमें कई लोगों ने यह राशि बैंक से फाइनेंस कराई है तो कई लोगों ने किसी दूसरी तरह से पैसों की व्यवस्था कर आवास की पूरी दो लाख रुपए की राशि दे दी। पर अब यह राशि दो लाख रूपए की जगह 4 लाख 30 हजार रुपए होने की खबर से हितग्राही परेशान हैं और वह वही मांग कर रहे हैं हैं कि उनकी यह आवात दो लाख रुपए में ही दिए जाएं।
कहां से लाएंगे दोगुनी राशि
हमने तो 20 हजार रुपए वेकर आवास बुक कर दिए थे। शेष राशि नहीं जुटा पाए, इसलिए आवास नहीं मिला। पर अब सुनने में आ रहा है कि आयास के लिए दो लाख रुपए की जगह 4 लाख 30 हजार रुपए देना पड़ेगे, यह तो गालत है। हमारे पास दो लाख रुपए की व्यवस्था नहीं है. ऐसे में दो गुनी राशि कहां से लाएंगे।
ओमप्रकाश अग्रवाल, हितग्राही
सरकार ने शुरू में जो वो लाख रुपए में आवास देने की घोषणा की थी, उसी हिसाब से आवास लोगों को मिलना घाहिए। अब कोई नई योजना में आवास बनेंगे तो उनकी राशि बढ़ाना तो ठीक है, लेकिन मेडिकल कॉलेज के पीछे जी आवास हैं. उनके लिए तो दो लाख रुपए ही सही है।
रतीराम जाटव, हितग्राही।
वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया है मौखिक आदेश
अभी एक बैठक में वरिष्ठ राशि दो लाख रुपए से बढ़ाकर 4 लाख 30 हजार रुपए करने के निर्देश दिए हैं। हालाकि लिखित में कोई आदेश नहीं आया है। अब मंगलवार को फिर बैठक है। उसके बाद पता चलेगा कि आवास पुरानी राशि में देना है या फिर नई राशि के तहत दिए जाएंगे।
यशवंत राठौर, सीएमओ नपा

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।