आशुतोष ओज के कहानी संग्रह प्रेमपाश का हुआ भव्य विमोचन

Adhiraj Awasthi
0
कहानी से समाज को दिशा मिलती है, संस्कार मिलते है, और जीवन व्यवस्था को सुधारने आगे बढ़ाने में मदद मिलती है, हर व्यक्ति की अपनी कहानी है और उसे शब्द रूप से प्रकट करने वाला ही कहानी कार होता है,उक्त उदगार मुख्य अतिथि की आसंदी से बोलते हुए वरिष्ठ प्रचारक श्रीधर पराड़कर ने आशुतोष ओज के कहानी संग्रह "प्रेमपाश" के विमोचन अवसर पर बोलते हुए व्यक्त किए। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के शिवपुरी शहर में दिनांक 22 अक्टूबर 2026 को संपन्न हुआ।

श्रीधर पराड़कर ने कहा कि जो गीता में है वही रामचरितमानस में है बस व्यक्त करने का समय अलग है,उसे अलग अलग समय में दादा दादी नाना नानी ने कहानी के रूप में बच्चों को सुना बचपन से ही संस्कार देने की प्रक्रिया बनाई,आशुतोष की कहानियां कोई अलग से रची गई कहानी नहीं है बल्कि प्रतिदिन घटित होने वाली कहानियां है,कहानी की विधा इस लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भावो की अभिव्यक्ति का सबसे शसक्त माध्यम कहानी ही है।

वरिष्ठ प्रचारक व विद्या भारती के अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्री राम अरावकर ने कहा कि मेरे लिए ये व्यक्तिगत प्रसन्नता का विषय है जिसे में बचपन से देख रहा हु,वह आशुतोष अब कहानी की विधा में ही आ चुका है,और राष्ट्रीयता के भावों से ओतप्रोत कहानियों के संग्रह के साथ शुरुआत कर चुका है।कहानी केवल घटनाएं मात्र नहीं होती बल्कि समाज को दिशा देने वाली लोभ लालच से दूर करने वाली समाज में आदर्श स्थापित करने की प्रक्रिया होती है।पहले हर घर में कहानी प्रदान करने वाले बुजुर्ग मान्यवर होते थे,पर समय के साथ परिवार के बिखराव और कुटुंब व्यवस्था में परिवर्तन के कारण ,तकनीक के आधिपत्य की वजह से ये संस्कार की हर घर की पाठशाला बाधित तो हुई है।

सारस्वत अतिथि के रूप में बोलते हुए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के उप महानिरीक्षक राजीव लोचन शुक्ला ने कहा कि समस्याओं में बढ़ोतरी का एक बड़ा कारण चुपचाप तमाशा देखने की मानसिकता में वृद्धि होना है,हम जिन समस्याओं को देख रहे है,उस पर मुखर होकर बोलना और लिखना ये समय की मांग है और इसी से समस्याओं को बढ़ने से रोका जा सकता है,ये प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होना चाहिए।कहानीकार आशुतोष ने अपने आस पास की समस्याओं को इस कहानी संग्रह के माध्यम से प्रस्तुत किया है,सरल शब्दों से आमजन की कहानियों को प्रेमपाश के माध्यम से प्रस्तुत कर उन्होंने निसंदेह उत्तम कार्य किया है,इसके लिए में उन्हें बधाई देता हूं।

कहानी संग्रह की समीक्षा श्रीमती सौम्या उपाध्याय, डॉ आकांक्षा गौड ने की। कहानी संग्रह विमोचन कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती हेमलता चौधरी ने किया।इस अवसर पर विद्यापीठ के पूर्व छात्र अपर सत्र न्यायाधीश भोपाल संजय अग्रवाल का अभिनंदन भी किया गया। डॉ कुमार संजीव प्रांत अध्यक्ष साहित्य परिषद, पुरुषोत्तम गौतम, प्रमोद भार्गव भी मंचासीन रहे। अतिथियों का डॉ एच पी जैन, प्रहलाद भारती, धैर्यवर्धन शर्मा, पवन शर्मा, प्रदीप अवस्थी, श्याम बिहारी सरल, नितिन मंदसौरवाले, राम पंडित, ब्रजेश अग्निहोत्री, डॉ एस के वर्मा, उमेश भारद्वाज, अनुपम शुक्ला, जितेंद्र परसाई, प्रयाग नारायण भार्गव ने अतिथियों का स्वागत किया। सभी का आभार आशुतोष शर्मा ओज ने व्यक्त किया।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!