शिवपुरी। जिले में शराब का विरोध अब उग्र और हिंसक रूप लेता जा रहा है। खनियाधाना क्षेत्र से शुरू हुआ यह विरोध अब कई अन्य थानों की सीमाओं तक फैल गया है। आक्रोशित महिलाओं ने न केवल शराब की दुकानों में तोड़फोड़ की है, बल्कि स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस और आबकारी टीम पर भी हमला बोल दिया।
अमोला क्षेत्र में आधी रात को हंगामा
जानकारी के अनुसार, अमोला थाना क्षेत्र के थरखेड़ा गांव में बुधवार देर रात महिलाओं ने सरकारी मान्यता प्राप्त कलारी पर धावा बोल दिया। आक्रोशित महिलाएं दुकान के अंदर घुस गईं और वहां रखी शराब की पेटियों को बाहर निकालकर लाठियों से चकनाचूर कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाइश के बाद मामला शांत कराया।
अमोलपठा में पुलिस पर हमला
गुरुवार सुबह अमोलपठा में भी विरोध भड़क गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ दिख रहा है कि 200 से अधिक महिलाओं की भीड़ हाथों में डंडे लेकर शराब की दुकान की ओर बढ़ रही है। पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने जब हाथ जोड़कर महिलाओं को रोकने का प्रयास किया, तो भीड़ बेकाबू हो गई। महिलाओं ने शराब की पेटियां लूटने की कोशिश की और पुलिस द्वारा हल्का बल प्रयोग करने पर भड़क गईं। महिलाओं ने लट्ठों से पुलिस और आबकारी टीम पर हमला कर दिया, जिससे जवानों को मौके से अपनी जान बचाकर भागना पड़ा।
भौंती में थाने के सामने प्रदर्शन
शराब का यह विरोध भौंती थाना क्षेत्र में भी देखने को मिला। मनपुरा स्थित कलारी से महिलाओं ने शराब की पेटियां लूटीं और उन्हें सिर पर रखकर भौंती थाने तक पैदल मार्च किया। थाने के सामने ही महिलाओं ने शराब की बोतलों को जमीन पर पटक-पटक कर और लट्ठों से चकनाचूर कर दिया।
आदिवासी महिलाओं ने खोला मोर्चा
करैरा और पिछोर विधानसभा के गांवों में शराब का पुरजोर विरोध शुरू हो चुका है। विरोध करने वाली अधिकांश महिलाएं आदिवासी समाज से हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि उनके पति दिन भर की सारी कमाई शराब में उड़ा देते हैं। जब पत्नियां इसका विरोध करती हैं, तो उनके साथ घरेलू हिंसा और मारपीट की जाती है। इसी प्रताड़ना से तंग आकर अब महिलाओं ने शराब के खिलाफ यह उग्र आंदोलन छेड़ दिया है।

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