शिवपुरी। शिवपुरी जिले मे पिछले 24 घंटो मे 6 राशन चोरो को कलेक्टर के आदेश पर जेल भेज दिया है। इन सभी लोगो पर आरोप है कि इन लोगो ने अपनी राशन की दुकान बटने आए गरीबो के हक के राशन को खुर्दबुर्द कर दिया है। शिवपुरी कलेक्टर अर्पित वर्मा राशन की दुकानो पर सीधी और डारेक्ट कार्यवाही कर रहे है। यह पढने और दिखाने वाली खबर है लेकिन यह खबर अधूरी है। कोलारस मे पदस्थ रहे अधिकारी गौरव कदम की एक करोड रूपए के राशन घोटाले की क्लीन चिट का उल्लेख करना होगा जब यह खबर पूरी होगी,और कलेक्टर शिवपुरी अर्पित वर्मा इस घोटाले की जांच कराए जब यह कार्रवाई पूरी होगी।
शिवपुरी जिले में कोलारस विधानसभा मे सिंधिया के प्रवास के समय ग्रामीणो ने शिकायत की थी उनका राशन नही मिल रहा है इस पर सिंधिया नाराज हुए और प्रशासन को इस मामले की जमीन पर उतरकर कार्रवाई करने और जनता को उनके हक का राशन दिलवाने को कहा था। इस निर्देश के बाद कलेक्टर शिवपुरी अर्पित वर्मा सुबह पांच बजे एक कंट्रोल की दुकान पर पहुंच गए थे,सिंधिया के सीधे निर्देश पर प्रशासन सक्रिय हुआ और पीएसओ मशीनो को चैक किया
इसके परिणाम स्वरूप बामोरखुर्द के विक्रेता माधौ सिंह यादव और श्रीपुरा के धनपाल सिंह को जेल भेजा गया। वहीं रन्नौद तहसील की अकोदा दुकान के विक्रेता गोलू लोधी पर भी कार्रवाई हुई। पिछोर में तीन विक्रेताओं पर कार्रवाई पिछोर अनुविभाग में भी राशन वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर निवोदा के विक्रेता पुष्पेंद्र, सिनावलकलां के भगवानलाल और बघावारा के सतेंद्र के खिलाफ कार्रवाई कर जेल भेजा गया।
अब इस खबर की अंदर की खबर की ओर चलते हैं
कोलारस के पूर्व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम की भ्रष्ट कार्यप्रणाली ने पूरे कोलारस अनुभाग की सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पूरी तरह तबाह कर दिया है। गौरव कदम द्वारा किए गए 1 करोड़ से अधिक के राशन घोटाले का दंश आज पूरा प्रशासनिक अमला और कोलारस अनुभाग के गरीब हितग्राही झेल रहे हैं। गौरव कदम ने स्टॉक शून्य करने की आड़ में सेल्समैनों के साथ मिलकर गरीबों के हक का खाद्यान्न, चीनी और नमक खुलेआम खुर्द-बुर्द कर दिया। हैरानी की बात यह है कि 1 करोड़ से अधिक के घोटाले को अंजाम देने के बाद गौरव कदम अपना तबादला पिछोर कराकर चैन की बंसी बजा रहे हैं, जबकि पूरा प्रशासन उनके फैलारे को समेटने में दिन-रात एक किए हुए है।
ऑनलाइन पोर्टल में सेंधमारी कर ऐसे अंजाम दिया 1 करोड़ का राशन घोटाला
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत पीओएस मशीन और भौतिक स्टॉक के मिलान के निर्देशों का पूर्व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम ने भ्रष्ट जरिया बना लिया। मार्च 2025 से नवंबर 2025 के बीच ऑनलाइन पोर्टल पर पहले अतिरिक्त आवंटन दिखाकर राशन का बैलेंस फर्जी तरीके से बढ़ाया गया। इसके बाद असल ओपनिंग बैलेंस से कई गुना अधिक राशन पोर्टल से गायब कर दिया गया। पीडीएस दुकानों के सेल्समैनों से मोटी रिश्वत लेकर दुकानों के वास्तविक स्टॉक से 27 से 85 क्विंटल तक अतिरिक्त खाद्यान्न कागजों में हटाकर बाजार में बेच दिया गया।
बरखेड़ाखुर्द (506038)
गेहूं का ओपनिंग बैलेंस 124.06 क्विंटल था, लेकिन पोर्टल से 194.64 क्विंटल हटा दिया गया। चावल का बैलेंस 408.98 क्विंटल था, जबकि 424.13 क्विंटल हटाया गया। यानी 85.73 क्विंटल राशन अतिरिक्त गायब।
चितारा ( 506030)
गेहूं का बैलेंस 153.89 क्विंटल के बदले 211.67 क्विंटल और चावल 329.47 क्विंटल के बदले 342.07 क्विंटल पोर्टल से हटाया गया। कुल 70.38 क्विंटल की हेराफेरी।
एजवारा (506071)
गेहूं का बैलेंस 173.31 क्विंटल था, लेकिन 195.19 क्विंटल हटा दिया गया। चावल 201.04 क्विंटल की जगह 206.58 क्विंटल गायब किया गया।मकरारा (505066)
मकरारा में गेंहू का बैलेंस 90.63 क्विंटल था। लेकिन 130.85 क्विंटल हटा दिया गया। चावल 111.94 क्विंटल की जगह 119.91 क्विंटल गायब किया गया। 48.19 क्विंटल अतिरिक्त राशन हटाकर हेराफेरी की गई।
राशन बंटवाने में उलझा पूरा प्रशासन
पूर्व कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी गौरव कदम के इस राशन घोटाले के कारण आज स्थिति यह है कि कलेक्टर अर्पित वर्मा, एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला, एसडीएम शिवदयाल धाकड़ सहित पूरा राजस्व अमला महत्वपूर्ण 'जन विश्वास अभियान' को छोड़कर गांव-गांव जाकर राशन व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा है। मार्च 2026 में भी इस मामले की गूंज उठी थी, लेकिन तत्कालीन समय पर मामले को दबा दिया गया।
आज भी यदि खाद्य विभाग के पोर्टल के आंकड़ों की निष्पक्ष जांच हो तो गौरव कदम की सीधी संलिप्तता के ठोस सबूत सामने आ जाएंगे। सवाल यह उठता है कि जिस अधिकारी की संदिग्ध भूमिका ने पूरे पीडीएस सिस्टम को ध्वस्त कर दिया, उस पर अब तक सीधी दंडात्मक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जांच की सुस्त रफ्तार से कोलारस क्षेत्र की आम जनता में भारी आक्रोश है और मुख्य घोटालेबाज गौरव कदम पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।

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