शिवपुरी। शिवपुरी जिले में 6 दिन बाद इंद्रदेव ने झमाझम बारिश शुरू कर दी है। बीते रोज 3 सितंबर गुरुवार की दोपहर से शुरू हुई बारिश जन्माष्टमी के दिन 4 सितंबर शुक्रवार को भी जारी रही। इस बारिश से शिवपुरी जिले का बारिश का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। गुरुवार की दोपहर शुरू हुई बारिश रात भर होती रही, वहीं शुक्रवार की सुबह भी तेज बारिश देखने को मिली।
4 सितंबर शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है। कान्हा के जन्मोत्सव की भक्तों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर के मंदिरों में ये तैयारियां कुछ दिन पूर्व ही शुरू कर दी गई थीं, लेकिन इंद्रदेव भी इस तैयारी में कहां पीछे रहने वाले थे। बादलों की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है जैसे उन्होंने श्रीकृष्ण की अखंड स्तुति शुरू कर दी हो, क्योंकि बादल लगातार बरस रहे हैं।
औसत बारिश में 115 मिमी की जरूरत
जिले में 1 जून 2026 से अब तक 701.52 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि जिले की सामान्य औसत वर्षा 816.3 मिमी है। अभी भी औसत आंकड़े को पूरा करने के लिए करीब 115 मिमी बारिश की जरूरत है। गत वर्ष आज की तारीख तक जिले में 1323.48 मिमी औसत वर्षा हो चुकी थी और पूरे सीजन में 1585.86 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई थी। इस लिहाज से इस बार बारिश काफी कम है। हालांकि, खेतों में खड़ी फसलों के लिए यह बारिश काफी लाभकारी हुई है जिससे किसानों के चेहरे खिल गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन और तेज बारिश होने की संभावना है।
तहसीलवार देखें तो अब तक सबसे ज्यादा बारिश करैरा में 787.50 मिमी और बदरवास में 781.50 मिमी दर्ज हुई है। इसके बाद पिछोर में 774 मिमी, नरवर में 717 मिमी, खनियाधाना में 713.50 मिमी, शिवपुरी में 678.20 मिमी, पोहरी में 652 मिमी, कोलारस में 613 मिमी व बैराड़ में 597 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। विभाग ने जिले में अगले 48 घंटों तक अच्छी बारिश का अनुमान जताया है, जिससे औसत बारिश के आंकड़े में और इजाफा होने की उम्मीद है।
लगातार बारिश होने के कारण वातावरण में ठंडक का अहसास होने लगा है। लगातार हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर गया है, वहीं शहर के निचले इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग (IMD) की जानकारी
इस समय मध्य प्रदेश में भारी बारिश कराने के लिए मुख्य रूप से एक सुस्पष्ट निम्न दाब क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) और इसके साथ जुड़ी मानसून ट्रफ (Monsoon Trough) की सक्रियता का सिस्टम बना हुआ है।
बादल कहाँ से आए हैं? ये घने मानसूनी बादल बंगाल की खाड़ी में उठे मौसम तंत्र के कारण विकसित हुए हैं। वहां से हवाएं भारी नमी लेकर पश्चिम की ओर बढ़ी हैं, जिसने पूरे मध्य प्रदेश और खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग (जिसमें शिवपुरी आता है) को कवर कर लिया है।
कौन-सा सिस्टम बना है? मध्य और पूर्वी भारत के ऊपर एक मजबूत निम्न दाब क्षेत्र (Low Pressure System) बना हुआ है, जो धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। इसके साथ ही एक मानसून ट्रफ लाइन (कम दबाव की रेखा) भी राज्य से होकर गुजर रही है, जो मानसून की हवाओं को अत्यधिक सक्रिय बना रही है।
इसी वेदर सिस्टम के चलते मौसम विभाग ने शिवपुरी और गुना सहित आसपास के जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' (Orange Alert) जारी किया है। इसके कारण आज रुक-रुक कर या लगातार अति भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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