शिवपरी। शिवपुरी को शिव की पुरी शिवपुरी मे काली रात मे बरसते काले बादलो के साथ मंदिरो और घरो मे नंद के आनंद भयो जे कन्हैया लाल की,घंटे घडियाल और शहनाई की गूंज के साथ प्रकट हुए। 4 अगस्त की रात 12 बजे बादल ऐसी घनघोर वर्षा कर रहे थे जैसे इंद्र ने बादलो को अखंड स्तुति करने का आदेश दिया हो। शिवपुरी जिले मे अखिड कोटी ब्राहम्मण नायक भगवान श्री हरि के आठवे अवतार का श्रीकृश्ण का प्रकाटउतसव आस्था के साथ मनाया गया। शिवपुरी जिले मे रात 12 बजे बादल ऐसे बरस रहे थे कि शिव की पुरी जैसे आस्था का महासागर बनने वाला हो।
शिवपुरी शहर के आधा दर्जन मंदिरो पर जन्माष्टमी का उत्सव बडी ही धूमधाम से मनाया गया। शिवपुरी शहर के प्रसिद्ध मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर नंदलाल के आगमन पर भजन संध्या का आयोजन किया गया था। मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर आगरा और ग्वायिलर से पधारे कलाकारो ने भक्तो को झूमने पर मजबूर कर दिया था।वही मंदिर पर कान्हा का अभिषेक के साथ साथ छप्पन भोग लगाया। यहां जन्मोउत्सव पूरे वैदिक मंत्रो और आंनद भजन संध्या के साथ संपन्न हुआ। इसी प्रकार चिंताहरण मंदिर,पुरानी शिवपुरी मे राधा रमण मंदिर,राधा बल्लभ मंदिर पर भक्तिमय कार्यक्रम संपन्न हुए।
कोलारस रात के 12 बजने का इंतजार,मंदिरों में सजे पालने. फूलों से सजे दरबार
जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 पर पहुंचीं, मंदिरों में जयकारों का ऐसा शोर उठा कि पूरा कोलारस मानो वृंदावन में बदल गया। शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कोलारस नगर में सुबह से ही भक्ति और उल्लास का माहौल रहा। नगर के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिरों में विशेष सजावट की गई। नगर के सबसे प्राचीन गोपाल जी मंदिर में श्रीधाम वृंदावन की प्रसिद्ध परंपराओं के अनुरूप जन्मोत्सव मनाया गया। शाम से ही मंदिर में श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। रात करीब 8 बजे विशेष अभिषेक और दर्शन का आयोजन किया गया। इसके बाद भगवान के विशेष श्रृंगार के दर्शन कराए गए। रात 12 बजे जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का समय हुआ, मंदिर परिसर घंटे-घड़ियाल और शहनाई की धुन से गूंज उठा। जन्म आरती के साथ भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। श्रद्धालुओं ने हाथ जोड़कर भगवान के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
बदरवास में लगा वृंदावन का रंग, राधा-कृष्ण बनकर मंच पर उतरीं छात्राएं
बदरवास। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का रंग केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्कूलों में भी कान्हा की लीलाएं जीवंत हो उठीं। शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जन्माष्टमी का आयोजन पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ किया गया। विद्यालय परिसर को मटकी, माखन, बांसुरी और फूलों से इस तरह सजाया गया कि पूरा परिसर कृष्णमय नजर आया।
प्रार्थना के बाद शुरू हुए कार्यक्रम में छात्राओं ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में रैंप वॉक किया। बाल कृष्ण, राधा और यशोदा के स्वरूप में सजी छात्राओं ने मंच पर पहुंचकर सभी का मन मोह लिया। इसके बाद कृष्ण की लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटिका और झांकियां प्रस्तुत की गईं। माखन चोरी, कालिया दमन और राधा-कृष्ण के प्रेम से जुड़े प्रसंगों को छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से जीवंत किया। भजन और समूह नृत्य ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।
बैराड़ में मटकी फोड़ ने बढ़ाया रोमांच, बच्चों ने दिखाया जोश
बैराड़। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बैराड़ के विद्या मंदिर में सांस्कृतिक और खेलकूद कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण भगवान श्रीकृष्ण की प्रिय मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही। मटकी फोड़ने के लिए बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। इसके साथ ही खो-खो प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने पूरे जोश और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया। मैदान में बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। कड़े मुकाबले के बाद विजेताओं को मंच से सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में फरव रावत ने प्रथम और नीलेश रावत ने द्वितीय स्थान हासिल किया। विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
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