शिवपुरी। दिनारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे और इधर अस्पताल में पदस्थ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल जेल में बंद थे। करीब 15 दिन तक अस्पताल से उनकी गैरहाजिरी के बाद ग्रामीणों ने जब स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की तो पड़ताल शुरू हुई। जांच आगे बढ़ी तो सामने आया कि डॉक्टर किसी छुट्टी या मेडिकल इमरजेंसी के कारण अस्पताल से दूर नहीं थे, बल्कि एक पुराने आपराधिक मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद हैं। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल दिनारा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा) में चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ थे। लगातार कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने डॉक्टर की अनुपस्थिति को लेकर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की। इसके बाद विभाग ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू की।
पुराने केस में 7 अगस्त को हुई थी गिरफ्तारी
जांच के दौरान पता चला कि डॉ. अग्रवाल के खिलाफ भिंड जिले के रौन थाने में महिला के इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप से जुड़ा मामला दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस मामले में उनके खिलाफ धारा 304(2) के तहत अपराध क्रमांक 239/21 दर्ज किया गया था।
इसी प्रकरण में रौन थाना पुलिस ने 7 अगस्त को झांसी स्थित ओम शांति ग्रीन कॉलोनी के उनके निवास से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। विभागीय जानकारी के मुताबिक 8 अगस्त से वे जेल में बंद हैं।
दो बार पुलिस ने दी स्वास्थ्य विभाग को सूचना
डॉक्टर के लगातार अस्पताल से गायब रहने की शिकायत के बाद जब स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी जुटाई तो रौन थाना पुलिस से संपर्क किया गया। पुलिस की ओर से 18 अगस्त और फिर 8 सितंबर को सूचना दी गई, जिसके बाद विभाग के सामने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो गई कि दिनारा स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर जेल में निरुद्ध हैं।
इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषिश्वर ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी। डॉ. ऋषिश्वर के मुताबिक डॉक्टर के जेल में होने की पुष्टि होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई थी।
9 सितंबर की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
सीएमएचओ की ओर से 9 सितंबर को भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने डॉ. अरविंद कुमार अग्रवाल के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, ग्वालियर संभाग के कार्यालय में रहेगा। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिए जाने का प्रावधान किया गया है।
मरीजों की परेशानी से खुला डॉक्टर के जेल में होने का राज
इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह रही कि डॉ. अग्रवाल की लगातार अनुपस्थिति से पहले दिनारा क्षेत्र के मरीजों और ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ी। अस्पताल में डॉक्टर की गैरमौजूदगी को लेकर शिकायत हुई और जब स्वास्थ्य विभाग ने इसकी तहकीकात की तो सामने आया कि जिस डॉक्टर की अस्पताल में तलाश हो रही थी, वह दरअसल भिंड के रौन थाने के मामले में जेल में निरुद्ध हैं। विभागीय जांच और पुलिस से मिली जानकारी के बाद अब उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।