नरवर,तोप चोरी काण्ड मे कांग्रेंस सडको पर, 50 दिन से अधिक का समय,चोर पकडे लेकिन

Lalit Mudgal
0
shivpuri-samachar

नरवर। नरवर किले से 16वीं शताब्दी की ऐतिहासिक तोप चोरी होने के मामले ने अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। पुलिस और प्रशासन की नाकामी से नाराज होकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने लौड़ी माता मंदिर से तहसील कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला।
हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द धरोहर को वापस नहीं लाया गया, तो आने वाले दिनों में और भी उग्र आंदोलन किया जाएगा।

चोरी की घटना को बीता सटीक समय
यह ऐतिहासिक और भारी-भरकम तोप 14-15 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि को नरवर किले से चोरी हुई थी। आज दिनांक 3 सितंबर 2026, शाम 6 बजे तक इस घटना को ठीक 50 दिन और 18 घंटे (लगभग 1218 घंटे,खबर लिखे जाने तक ) का समय बीत चुका है। इतने लंबे अंतराल के बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा है, जिसके कारण जनता का आक्रोश चरम पर है।

15 साल पुरानी घटना: जब नरवर पुलिस ने चोरों को धर-दबोचा था
नरवर किले से तोप चोरी होने का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक 15 साल पहले भी चोरों ने किले से एक अष्टधातु की तोप चुराने का प्रयास किया था। उस समय चोर तोप को किले से नीचे तक ले आए थे, लेकिन नरवर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया था। 

बरामद की गई तोप का वजन इतना अधिक था कि उसे वापस किले की ऊंचाई तक ले जाना संभव नहीं हो सका, जिसके चलते नरवर पुलिस ने उस ऐतिहासिक तोप को नए पुलिस थाने के गेट पर ही स्थापित कर दिया था। वह तोप आज भी थाने के गेट पर रखी हुई है,वही तोप चोरी काण्ड मे पुलिस ने चोरो को गिरफ्तार कर भेज दिया है ​लेकिन आज तक तोप की सुराग नही लगा है। 

प्रशासन को अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की वर्तमान कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि 15 साल पहले की तरह पुलिस अब मुस्तैदी क्यों नहीं दिखा रही है। हजारों की संख्या में मौजूद लोगों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक धातु की चोरी नहीं, बल्कि नरवर के इतिहास और अस्मिता पर चोट है। अगर पुलिस जल्द ही राजस्थान या अन्य ठिकानों से तोप को बरामद कर वापस नरवर नहीं लाती, तो यह प्रदर्शन एक अनिश्चितकालीन और बड़े आंदोलन में तब्दील हो जाएगा।

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!