Shivpuri जुडे देश भर के साइबर फ्रॉड के तार,महिला ने उगले नाम, मास्टरमाइंड अभी फरार

Lalit Mudgal
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शिवपुरी।
देश के विभिन्न क्षेत्रो मे हुए 23 सायबर फ्रॉड के तार अब शिवपुरी जिले से जुड गए है। लाखो रूपए की ठगी की जब छानबीन की तो शिवपुरी जिले का नाम इस जांच ने उगल दिया है। इस कारण राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल ने शिवपुरी जिले की पुलिस को पत्र लिखा है। इस पत्र के आधार पर पुलिस ने इस केस की छानबीन की तो एक महिला को राउंडअप किया मात्र कुछ सौ रूपए का लालच बहार आया है। 

शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में दो टेलीकॉम कंपनी के एजेंटों द्वारा जारी 12 सिमों से 23 सायबर फ्रॉड के मामले हुए हैं। इनमें 28.32 लाख रु. की धोखाधड़ी हुई है। राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के पत्र के आधार पर दिनारा पुलिस थाने में एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। 1 माह के फ्री रिचार्ज का लालच देकर ग्रामीण महिला-पुरुषों की सिमें पोर्ट कराने के बहाने नई सिमें एक्टिवेट की गई। फिर इन सिमों को सायबर ठगों को बेचा गया।

जानकारी के मुताबिक थाना दिनारा क्षेत्र के ग्राम दावरदेही निवासी पीओएस एजेंट अभिषेक यादव (26), पुत्र बलराम यादव, ने 12 सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिवेट किए। इन फर्जी सिम कार्डों से 23 फ्रॉड सामने आए हैं। इन सिम कार्डों के जरिए सायबर अपराधियों ने ने देश भर में कुल 28 लाख 32 हजार 319 रुपए की सायबर ठगी को अंजाम दिया है। 

दिनारा थाना पुलिस राज्य सायबर पुलिस मुख्यालय भोपाल के 8 अगस्त को जारी पत्र, एसपी के 17 अगस्त को जारी आदेश पर छानबीन की। दो टेलीकॉम कंपनी के एजेंट अभिषेक यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई फास्ट 2.0 के तहत की गई है। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि विवेचना के लिए प्रकरण नरवर थाने भेजा है। जांच में फ्रॉड से जुड़े लोगों का पता चलेगा।

फ्री रिचार्ज के चक्कर में दिए दस्तावेज
टेलीकॉम कंपनी एयरटेल के सिम नंबर 8962733982 को समन्वय पोर्टल पर भारत के राज्यों में एक से अधिक सायबर फ्रॉड संबंधी शिकायतें हुई हैं। यह सिम ग्राम दावरदेही निवासी महिला उर्मिला (36), पत्नी हनुमंत सिंह अहिरवार, के नाम से जारी है। महिला को दिनारा थाने में तलब कर पूछताछ की गई। महिला ने बताया कि इस सिम का मैं या परिवार का कोई भी सदस्य उपयोग नहीं करता। यह सिम कभी जारी नहीं कराई। हालांकि गांव के ही अभिषेक यादव ने 1 माह के फ्री रिचार्ज मिलने का लालच देकर सिम पोर्ट कराई थी। उस दौरान हमारे फोटो, मशीन में फिंगर निशान, आधार कार्ड लिया था। सिम पोर्ट कराने के दौरान अभिषेक ने मेरे दस्तावेजों से दूसरी नई सिम निकाल ली होगी।

अभिषेक को पकड़ा तो बोला-डिस्ट्रिब्यूटर को दी
पुलिस ने एजेंट अभिषेक यादव को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए थाने बुलाया। अभिषेक ने बताया कि उसने महिला उर्मिला अहिरवार के दस्तावेजों से सिम कार्ड 1 अप्रैल 2026 को एक्टिवेट किया था। सिम कार्ड महिला को नहीं दिया। उसने अपने डिस्ट्रीब्यूटर, ग्राम छितीपुर निवासी अरविंद लोधी, को दे दिया। अब पुलिस अरविंद लोधी की तलाश कर रही है।

सवाल सिर्फ 12 सिम का नहीं, दस्तावेजों की सुरक्षा का भी
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीणों से लिए गए आधार, फोटो और बायोमेट्रिक का इस्तेमाल उनकी जानकारी और सहमति के बिना तो नहीं किया गया? अगर ऐसा हुआ है तो यह सिर्फ साइबर ठगी का मामला नहीं, बल्कि ग्रामीणों की पहचान और डिजिटल सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। थाना प्रभारी रविंद्र सिंह कुशवाह के अनुसार विवेचना के लिए प्रकरण नरवर थाने भेजा गया है। जांच आगे बढ़ने पर यह स्पष्ट होगा कि इन सिमों के पीछे कितने लोग जुड़े हैं और उनका नेटवर्क कहां तक फैला है।

यानी फ्री रिचार्ज का लालच देकर ली गई एक छोटी-सी जानकारी ने 28.32 लाख रुपए की साइबर ठगी का रास्ता खोल दिया। अब जांच का सबसे अहम सवाल यही है-ग्रामीणों की पहचान से निकली ये सिम आखिर साइबर ठगों तक पहुंची कैसे?

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