शिवपुरी। शिवपुरी शहर का हाथीखाना मुख्य मार्ग इन दिनों किसी व्यस्त सड़क की तरह नहीं, बल्कि हादसों के एक खुले मैदान की तरह नजर आ रहा है। विकास के नाम पर अधूरी छोड़ी गई सड़क और उसमें बने गहरे गड्ढे अब बारिश के पानी से भर चुके हैं, जो राहगीरों के लिए किसी खामोश शिकारी की तरह काम कर रहे हैं।
शुक्रवार सुबह का खौफनाक हादसा
शुक्रवार की सुबह यह लापरवाही तब एक बड़े हादसे में तब्दील हो गई, जब एक महिला अपने बच्चे के साथ इस मार्ग से गुजर रही थी। जलभराव के कारण पानी के नीचे छिपे जानलेवा गड्ढे का उन्हें अंदाजा नहीं हुआ और उनका वाहन सीधे उस गड्ढे में समा गया। महिला और बच्चा दोनों बुरी तरह पानी और कीचड़ में गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। गनीमत यह रही कि आसपास मौजूद सतर्क लोगों ने तुरंत दौड़कर चीख-पुकार सुनकर उन्हें बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
रोजाना लहूलुहान हो रहे हैं लोग
स्थानीय लोगों की मानें तो यह कोई इकलौता हादसा नहीं है, बल्कि यह हाथीखाना मार्ग की रोजमर्रा की कहानी बन चुका है। गंदे पानी से लबालब भरे इन गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना नामुमकिन है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। कालोनीवासियों के अनुसार, अब तक लगभग एक सैकड़ा (100) से अधिक लोग इन अदृश्य गड्ढों का शिकार होकर अपने हाथ-पैर तुड़वा चुके हैं या गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं।
शिकायतों की फाइलें भारी, पर सिस्टम के कान खाली
इस जानलेवा जलभराव और जर्जर सड़क को लेकर कालोनीवासियों ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। नगर पालिका के सीएमओ को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं। शासन के सबसे बड़े शिकायत मंच, सीएम हेल्पलाइन पर भी गुहार लगाई गई। सभी शिकायतें फाइलों में दबकर रह गई हैं। सड़क की मरम्मत के नाम पर एक पत्थर तक नहीं हिलाया गया और न ही जल निकासी का कोई उपाय हुआ।

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