शिवपुरी। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और भावनाओं का पर्व है। रक्षाबंधन के दिन जहां घर-घर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की कामना की, वहीं शिवपुरी की सर्किल जेल में बंद उन भाइयों की कलाइयां भी राखी से सज गई, जिनसे मिलने के लिए उनकी बहनें जेल की चौखट तक पहुंची। हालांकि जेल के भीतर होने वाली इस भावुक मुलाकात के साथ सुरक्षा व्यवस्था और नियमों का भी सख्ती से पालन किए गए थे।
सर्किल जेल शिवपुरी में निरुद्ध पुरुष बंदियों से रक्षाबंधन के अवसर पर 28 अगस्त रक्षा बंधनके दिन खुली मुलाकात का आयोजन किया गया था। मुलाकात के सफल और सुचारू संचालन के लिए उपजेल अधीक्षक ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। निर्धारित नियमों के मुताबिक पुरुष बंदियों से मुलाकात करने और उन्हें राखी बांधने के लिए उनके परिवार की केवल महिला सदस्यों तथा 6 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ही जेल गेट के अंदर प्रवेश की अनुमति मिली थी।
सुबह 9 से दोपहर 2:30 बजे तक बांधी गई राखी
जेल प्रशासन ने मुलाकात का समय प्रातः 9 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक निर्धारित किया था। हालांकि प्रत्येक बंदी से मुलाकात के लिए अधिकतम 10 मिनट का समय ही दिया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, रक्षाबंधन पर 272 बंदियों से कुल 1088 परिजनों ने मुलाकात की। इनमें 9 महिला बंदियों से हुई मुलाकातें भी शामिल रहीं। रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में परिजनों के पहुंचने को देखते हुए जेल प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। जेल गेट पर परिजनों की गहन जांच और तलाशी के बाद ही उन्हें प्रवेश दिया गया। मुलाकात के दौरान जेल अधिकारी और कर्मचारी लगातार निगरानी करते रहे। जेल प्रशासन ने बताया कि पूरी प्रक्रिया में विशेष सतर्कता बरती गई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अवैध सामग्री बरामद नहीं हुई।

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