भौंती / पिछोर। शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग के भौंती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उमरीकला गांव में गुरुवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर दो ग्रामीण शोले फिल्म के वीरू की तरह एक ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गए। गांव के सरकारी रास्ते पर दबंगों के अवैध कब्जे और प्रशासन की लगातार अनदेखी से नाराज इन ग्रामीणों ने टावर पर चढ़कर बगावत का बिगुल फूंक दिया। वहीं, नीचे जमीन पर उनके समर्थन में उतरे अन्य ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर चक्काजाम कर दिया, जिससे मौके पर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है।
क्या है पूरा विवाद ? 25 परिवारों का रास्ता हुआ बंद
यह पूरा विवाद उमरीकला पंचायत के बनियापुरा मजरे (बस्ती) से जुड़ा है। मोबाइल टावर पर चढ़े ग्रामीण रामदास लोधी और रामनाथ लोधी ने फोन पर जानकारी देते हुए बताया कि बनियापुरा मजरे में करीब 25 परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों के लिए बस्ती से बाहर मुख्य मार्ग तक आने-जाने के लिए दो सरकारी रास्ते मौजूद थे। लेकिन, हाल ही में कुछ रसूखदार खेत मालिकों ने इन सरकारी रास्तों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, जिससे बस्ती के लोगों का घरों से निकलना मुहाल हो गया है।
प्रशासन पर साठगांठ का गंभीर आरोप, दस्तावेजों से ही गायब कर दिया रास्ता
रामदास लोधी का आरोप है कि उन्होंने रास्ता खुलवाने के लिए स्थानीय तहसीलदार से लेकर एसीएम (ACM) और शिवपुरी कलेक्टर तक लिखित शिकायतें कीं, लेकिन महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह लगाया है कि अधिकारियों और रसूखदारों की मिलीभगत (साठगांठ) के चलते एक सरकारी रास्ते को तो बाकायदा सरकारी दस्तावेजों (नक्शे) से ही गायब करवा दिया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि उनके पास इस हेराफेरी के पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।
सुबह 9 बजे से शुरू हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
प्रशासनिक उदासीनता से हताश होकर गुरुवार सुबह करीब 9 बजे रामदास और रामनाथ अपनी जान की परवाह किए बिना मोबाइल टावर के शिखर पर जा चढ़े। दोनों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनके रास्ते से अवैध कब्जा नहीं हटाया जाता और रास्ता चालू नहीं किया जाता, तब तक वे टावर से नीचे नहीं उतरेंगे।
पुलिस के छूटे पसीने, प्रशासन मौके की ओर रवाना
टावर पर ग्रामीणों के चढ़ने और सड़क पर लगे लंबे जाम की सूचना मिलते ही भौंती थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई है। पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के जरिए ग्रामीणों को समझाने और नीचे उतारने का प्रयास कर रही है, लेकिन ग्रामीण अपनी जिद पर अड़े हुए हैं। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर भी दल-बल के साथ मौके के लिए रवाना हो चुके हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि वह जल्द ही मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे और उनकी समस्या का वैधानिक समाधान निकालेंगे। फिलहाल, गांव में भारी तनाव और गहमागहमी का माहौल बना हुआ है।
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