शिवपुरी। शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री व्यवस्था अब सिर्फ कागजों तक सीमित नजर आ रही है। न एंट्री पॉइंट पर हाइट लिमिट पोल हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की स्थायी तैनाती। नतीजा यह है कि गूगल मैप के भरोसे चलने वाले भारी वाहन बेधड़क शहर के भीतर तक पहुंच रहे हैं। शुक्रवार शाम ऐसा ही एक कंटेनर आईटीआई तिराहे से शहर में दाखिल हो गया और सावरकर पार्क मार्केट में पहुंचते ही संकरी सड़क पर फंस गया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और पूरा इलाका जाम की गिरफ्त में आ गया।
करीब आधे घंटे तक बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद ट्रैफिक सामान्य कराया। इसके बाद कंटेनर को जब्त कर यातायात थाने भेज दिया गया।
चालक बोला- किसी ने रोका ही नहीं, मैप जहां ले गया वहीं चला आया
कंटेनर चालक ने बताया कि वह पहली बार शिवपुरी आया था और उसे शहर के ट्रैफिक नियमों की जानकारी नहीं थी। उसने कहा कि मोबाइल पर गूगल मैप ने जो रास्ता बताया, वह उसी पर चलता रहा। आईटीआई तिराहे पर न कोई बैरिकेड मिला, न पुलिसकर्मी ने रोका और न ही कहीं यह संकेत मिला कि आगे भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है। जब तक शहर के अंदर पहुंचा, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कंटेनर जाम में फंस गया।
नो एंट्री के नियम, लेकिन निगरानी नहीं
शिवपुरी शहर में सुबह 8 बजे से रात 10 बजे तक भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है, लेकिन इस नियम का पालन कराने के लिए प्रवेश मार्गों पर पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। आईटीआई तिराहा और गुना नाका जैसे प्रमुख एंट्री पॉइंट पर न तो हाइट लिमिट गेज पोल लगाए गए हैं और न ही ट्रैफिक पुलिस की नियमित ड्यूटी रहती है। यही कारण है कि ट्रक और कंटेनर बिना किसी रोक-टोक के शहर में प्रवेश कर जाते हैं।
सावरकर पार्क पर थमी रफ्तार, दुकानदारों की बढ़ी परेशानी
शाम करीब चार बजे जब कंटेनर सावरकर पार्क मार्केट पहुंचा तो सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण आगे नहीं बढ़ सका। दोनों ओर चार पहिया और दोपहिया वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाजार में खरीदारी करने आए लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। आए दिन भारी वाहन नो एंट्री तोड़कर शहर के भीतर पहुंच जाते हैं। जब तक वे जाम नहीं लगा देते, तब तक कोई कार्रवाई नहीं होती। उनका कहना है कि यदि एंट्री पॉइंट पर ही बैरिकेड, हाइट लिमिट पोल और पुलिस की तैनाती सुनिश्चित कर दी जाए तो ऐसी घटनाओं पर आसानी से रोक लग सकती है।
प्रशासन से उठी स्थायी व्यवस्था की मांग
शहरवासियों का कहना है कि केवल चालान काटने या वाहन जब्त करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। जरूरत इस बात की है कि नो एंट्री वाले सभी मार्गों पर स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। यदि प्रवेश मार्गों पर स्पष्ट संकेतक, हाइट लिमिट पोल और ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, तो गूगल मैप के भरोसे शहर में घुसने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी रोक लग सकेगी और शहर को बार-बार लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

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