शिवपुरी। शिवपुरी शहर का अंतिम छोर कटमई तिराहे ग्वालियर फोरलेन बाईपास पर बनने वाली कलेक्ट्रेट पिछले 8 साल से लटकी हुई है। इस प्रोजेक्ट को स्वीकृत हुए 8 साल हो चुके है लेकिन इसके अभी तक टेंडर नहीं हुए है। यह प्रोजेक्ट भी कछुआ गति से चल रहा है इस कारण इस प्रोजेक्ट की लागत भी दिन प्रतिदिन बढ रही है। अब बताया जा रहा है कि पुनर्धनत्यीकरण योजना के तहत पुराने सरकारी बस स्टैंड और स्टेट कालीन कोठी नंबर-12 की जमीन बेचकर नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग और एसपी कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। करीब 56 करोड़ रुपए कीमत की इस सरकारी जमीन को बेचने के लिए एमपी हाउसिंग बोर्ड ने टेंडर प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी है।
खास बात यह है कि जिस जमीन पर वर्तमान में पुराने बस स्टैंड के अवशेष, होटल, ढाबे और ट्रेवल्स एजेंसियों का कब्जा है, वहीं भविष्य में आधुनिक प्रशासनिक परिसर खड़ा होगा। इस परियोजना में नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग, एसपी ऑफिस, कलेक्टर और एसपी बंगला, 12 दुकानों का कॉम्पलेक्स, बिजली कंपनी का चाबी घर और नगर पालिका की अंत्योदय रसोई भी बनाई जाएगी।
8 साल से लंबित था कलेक्ट्रेट प्रोजेक्ट
नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग का प्रोजेक्ट पिछले 8 वर्षों से फाइलों में अटका हुआ था। पहले इस परियोजना की डीपीआर पीआईयू द्वारा तैयार की गई थी और 14वें वित्त आयोग से बजट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन बजट स्वीकृत नहीं होने के कारण योजना अधर में लटक गई। बाद में इसे पुनर्धनत्यीकरण योजना में शामिल कर एमपी हाउसिंग बोर्ड को निर्माण एजेंसी नियुक्त किया गया। अब कंसल्टेंट द्वारा फाइनल डीपीआर और टेंडर डॉक्यूमेंट तैयार कर दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगले एक से डेढ़ महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
70 करोड़ से ज्यादा पहुंच चुकी जमीन की कीमत
जानकारी के मुताबिक पुराने सरकारी बस स्टैंड की जमीन लगभग 6.45 बीघा है, जबकि स्टेट कालीन कोठी नंबर-12 का क्षेत्रफल करीब 17 हजार वर्गफीट है। साल 2022-23 की गाइडलाइन के अनुसार दोनों संपत्तियों की कीमत 56 करोड़ रुपए आंकी गई थी, लेकिन अब वर्ष 2026 की नई गाइडलाइन के हिसाब से इनकी कीमत 70 करोड़ रुपए से अधिक पहुंच चुकी है। अधिकारियों का मानना है कि नई गाइडलाइन के हिसाब से बिक्री होने पर भवन निर्माण के बाद भी सरकार को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।
तीन मंजिला आधुनिक कलेक्ट्रेट भवन बनेगा
प्रस्तावित नई कलेक्ट्रेट बिल्डिंग बेसमेंट सहित तीन मंजिला होगी। करीब 16,364 वर्गमीटर क्षेत्र में बनने वाले इस भवन में विभिन्न विभागों के आधुनिक कार्यालय बनाए जाएंगे। वहीं एसपी कार्यालय बेसमेंट सहित एक मंजिला प्रस्तावित है, जिसका क्षेत्रफल लगभग 3,268 वर्गमीटर होगा।
इसके अलावा पुराने बस स्टैंड की जमीन पर 12 दुकानों का कॉम्पलेक्स, बिजली कंपनी का चाबी घर और नगर पालिका की अंत्योदय रसोई भी विकसित की जाएगी। यह पूरा निर्माण कार्य वही ठेकेदार करेगा जो जमीन खरीदेगा।
सचिवालय भवन में चल रहा वर्तमान कलेक्ट्रेट
वर्तमान में कलेक्ट्रेट कार्यालय स्टेट कालीन सचिवालय भवन में संचालित हो रहा है। यह भवन ट्रस्ट की संपत्ति बताया जाता है, इसलिए प्रशासन लंबे समय से नए स्थायी कलेक्ट्रेट भवन की तलाश में था।
अवैध कब्जों पर भी उठे सवाल
जिस जमीन को बेचने की तैयारी की जा रही है, वहां इस समय कई अवैध होटल, ढाबे और ट्रेवल्स एजेंसियां संचालित हो रही हैं। कई हिस्सों का उपयोग वाहन पार्किंग के रूप में किया जा रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों की जमीन बेचने से पहले प्रशासन इन अतिक्रमणों को कब हटाएगा। हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि जमीन का लैंडयूज बदलने और नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब जल्द ही टेंडर जारी कर परियोजना को गति दी जाएगी।

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