शिवपुरी। भारत की जनगणना 2027 के महाभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। शिवपुरी जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जनगणना कार्य के लिए नियुक्त 14 प्रगणक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी ड्यूटी से नदारद पाए गए हैं। बार-बार सूचना देने के बावजूद अपॉइंटमेंट लेटर और जनगणना किट न लेने वाले इन लोक सेवकों के खिलाफ तहसीलदार और सीएमओ ने कलेक्टर को कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत इन प्रगणकों पर जुर्माना और तीन साल तक के कारावास की कानूनी तलवार लटक रही है,बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी शादी,बीमारी और शहर से बाहर होने का बहाना बना रहे हैं। जानकारी के मुताबिक शिवपुरी जिले में शहर व ग्रामीण क्षेत्र को दो हिस्सों में बांटकर 1 मई से जनगणना का कार्य शुरू करा दिया गया है। प्रगणकों को 25 अप्रैल 2026 को जनगणना कार्य के लिए नियुक्त किया गया था। सभी ने प्रशिक्षण प्राप्त कर लिया है। बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद वे अपना अपॉइंटमेंट लेटर और जनगणना किट प्राप्त करने उपस्थित नहीं हुए। शिवपुरी तहसीलदार सिद्धार्थ भूषण शर्मा ने प्राथमिक शिक्षक किशोर कुमार भगत, सुरेन्द्र कुमार तिवारी, माध्यमिक शिक्षक मधुमती कुसमी सहित एक अन्य शिक्षिका को नोटिस जारी किया है।
6 शिक्षक और 4 बाबू गैरहाजिर रहे
शिवपुरी शहर में शिक्षक-शिक्षिकाएं डिंपल शर्मा, प्रीति शुक्ला, प्रफुल्ल मिंज, इंदिरा जैन, ममता जैन, संजीव कुमार श्रीवास्तव, संजीव शिवहरे और पीएचई बाबू राकेश कुशवाह, महिला एवं बाल विकास विभाग के बाबू डेविड कुमार मसराम, शिक्षा विभाग के भरत शर्मा व देवेंद्र भार्गव गैरहाजिर हैं। नगर पालिका ने संबंधितों को नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई का प्रस्ताव कलेक्टर को भेजा गया है।
यह है सजा का प्रावधान
प्रगणक 'लोक सेवक' की श्रेणी में आते हैं,जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 और 11 के तहत ये सभी प्रगणक 'लोक सेवक' की श्रेणी में आते हैं। जनगणना कार्य में सहायता करना उनकी कानूनी बाध्यता है। अधिनियम के अनुसार जनगणना ड्यूटी से इनकार करना दंडनीय अपराध है। दोषी पाए जाने पर 1 हजार रुपए तक का जुर्माना और 3 साल तक के कारावास की सजा हो सकती है।
प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।