शिवपुरी। कलेक्टर अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित मंगलवार की जनसुनवाई आमजन के लिए एक बार फिर बड़ी राहत लेकर आई। प्रशासन की संवेदनशीलता के चलते जहाँ एक ओर जरूरतमंदों को संबल योजना और रेडक्रॉस के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में त्वरित कदम उठाते हुए बच्चों को यंत्र और पेंशन संबंधी प्रकरणों का निराकरण किया गया. इसके साथ ही, कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा करते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन और पोषण आहार की गुणवत्ता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए हैं, ताकि जिले के नौनिहालों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
जनसुनवाई में 285 आवेदन प्राप्त,सबंल योजना का दिया तत्काल लाभ
जनसुनवाई में आज एक बार फिर जिला प्रशासन की संवेदनशील और जनहितैषी पहल देखने को मिली। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित किया। कलेक्टर श्री वर्मा ने जनसुनवाई के दौरान आवेदक अनिल लोधी निवासी तहसील करैरा ग्राम सिल्लारपुर को उनकी पत्नी जयंती लोधी की मृत्यु होने पर संबल योजना के अंतर्गत 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
इसी प्रकार जनसुनवाई में ग्राम सेंवड़ीकलां तहसील करैरा निवासी केशराम परिहार को उनकी पत्नी प्रियंका परिहार की मृत्यु होने पर संबल योजना के तहत 2 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता राशि का स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया। इस सहायता से उनके परिवारों को आर्थिक संबल प्राप्त हुआ और कठिन परिस्थितियों में राहत मिलेगी।
10 वर्षीय रोहित जाटव को मिला श्रवण यंत्र
आवेदक श्रीमती रचना जाटव अपने 10 वर्षीय पुत्र रोहित जाटव के साथ जनसुनवाई में उपस्थित हुईं। रोहित को सुनने में समस्या थी, जिसके लिए पूर्व में चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया जा चुका था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने तत्परता दिखाते हुए बालक को श्रवण यंत्र उपलब्ध कराई। यह श्रवण यंत्र रोहित के जीवन में न केवल सुनने की क्षमता में सुधार लाएगा, बल्कि उसके आत्मविश्वास और भविष्य की संभावनाओं को भी नई दिशा देगा।
कलेक्टर ने आवेदक को पेंशन दिलाए जाने के दिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर आई आवेदक चतरो बाई तहसील बदरवास निवासी की समस्या को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवेदन के निराकरण के निर्देश दिए। आवेदक ने कलेक्टर श्री वर्मा को बताया कि उनके पति तहसील बदरवास में सरकारी अस्पताल में कार्यरत थे, अब उनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन अभी तक उन्हें पेंशन नहीं दी जा रही हैं। वे कार्यालयों के चक्कर लगाकर परेशान है, जिस पर कलेक्टर श्री वर्मा ने जिला कोषालय अधिकारी को निर्देश दिए इस पेंशन प्रकरण का जल्द से जल्द निराकरण कराए।
कलेक्टर-जिला पोषण समिति की बैठक में दिए निर्देश
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सभी परियोजना अधिकारियों को आंगनबाड़ी केंद्रों का सतत निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। जिला पोषण समिति की बैठक में समीक्षा करते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सभी सीडीपीओ को स्पष्ट कहा है कि आंगनबाड़ी केंद्र प्रतिदिन समय पर खुलना चाहिए और आंगनबाड़ी केंद्र में जो गतिविधियां समय-समय पर होनी है वह संचालित होनी चाहिए। सभी परियोजना अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों पर निगरानी करें। यदि कहीं आंगनबाड़ी केंद्र बंद पाए जाते हैं तो संबंधित पर कार्यवाही करें।
इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाले पोषण आहार पर भी निगरानी रखी जाए। यदि किसी समूह द्वारा पोषण आहार वितरण में लापरवाही की जाती है तो संबंधित समूह को हटाने के लिए कार्रवाई करें। बच्चों को गुणवत्ता युक्त खाना मिलना चाहिए। यदि परियोजना अधिकारी द्वारा कार्य में लापरवाही बरती जाएगी तो कार्यवाही होगी इसलिए परियोजना अधिकारी अपने काम के प्रति अलर्ट मोड पर आ जाएं और एक सप्ताह में उनके काम में प्रगति आना चाहिए।
इसके अलावा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा की गई जिसमें हितग्राही पोषण ट्रैक्टर में पंजीकृत गर्भवती महिलाएं जिनके आधार सत्यापन, आभा आईडी की समीक्षा हुई। इसमें गर्भवती महिलाएं, धात्री माताएं, 0 से 3 वर्ष के बच्चे, 3 से 6 वर्ष के बच्चे, शाला पूर्व शिक्षा हेतु पंजीयन, अपार आईडी, समग्र सत्यापन, टी एच आर वितरण, बच्चों को आंगनबाड़ी केदो में नाश्ता एवं गर्म पके भोजन प्रदाय की स्थिति आदि की समीक्षा की गई।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने समीक्षा के दौरान कहा है कि जिन भी मानकों में विभाग द्वारा बेहतर काम नहीं किया जा रहा है उसमें सुधार लाएं अन्यथा सीडीपीओ पर कार्यवाही होगी। अपनी-अपनी परियोजना में सीडीपीओ जिम्मेदार अधिकारी हैं।
एनआरसी में बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश
जिले में 100 बिस्तर का एनआरसी है जिसमें अति गंभीर कुपोषित बच्चों को रखा जाता है ताकि बेहतर देखभाल और उपचार के साथ उनकी स्थिति में सुधार लाया जा सके। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र जादौन से बच्चों की जानकारी लेते हुए एन आर सी के बेहतर प्रबंधन के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री बाल आरोग्य संवर्धन कार्यक्रम के तहत अति गंभीर कुपोषित बच्चों की स्थिति की समीक्षा की गई।
कलेक्टर की पहल, रेडक्रॉस से दो जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए दो जरूरतमंद आवेदकों को भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी शिवपुरी के माध्यम से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।
फतेहपुर, गडरिया वाली गली, वार्ड क्रमांक 15 निवासी कमला जाटव द्वारा अपनी पोती पलक जाटव के विवाह हेतु सहायता राशि की मांग की गई थी। इस पर कलेक्टर श्री वर्मा ने रेडक्रॉस से 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की। इसी प्रकार महाराणा प्रताप कॉलोनी निवासी राजकुमार ओझा द्वारा अपनी पत्नी के हृदय रोग एवं किडनी के उपचार हेतु आर्थिक सहायता की मांग पर रेडक्रॉस के माध्यम से 5 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई। अपर कलेक्टर दिनेश शुक्ला ने दोनों आवेदकों को रेड क्रॉस से आर्थिक सहायता के चेक सौंपे। कलेक्टर ने जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही।

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