शिवपुरी। शिवपुरी जिले की करैरा पुलिस ने 7 साल पुराने एक विवाहिता की गुमशुदगी का मामला सुलझा लिया है,इस मामले में सबसे बडी हैरानी जब हुई गायब महिला से पूछताछ की तो सबसे अधिक हैरान वह महिला हुई जिसे पुलिस 7 साल से खोज रही थी,विवाहिता को जब पता चला की उसका एक फैक पति भी है जिसने उसकी झूठी रिर्पोट पुलिस मे दर्ज कराई। 7 साल पूर्व पुलिस ने जब इस महिला की गुमशुदगी दर्ज की तो रिश्ता पक्का होने के प्रमाण नही देखे ओर फैक पति के अभिनय मे पुलिस मोहित हो गई ओर बिना गायब हुए विवाहिता के गायब होने की गुमशुदगी सरकारी कागजो मे दर्ज हो गई।
इंदरगढ़ निवासी अरविंद चिढ़ार ने साल 2019 में करैरा थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी रमन अपने बेटे-बेटी के साथ बिना बताए कहीं चली गई है। पुलिस ने भी गंभीरता दिखाई। गुमशुदगी दर्ज हुई, फाइल खुली, कागज चले, मोबाइल ट्रेस हुए और सात साल तक सरकारी पेट्रोल जलता रहा। आखिरकार पुलिस ने महिला को राजस्थान के भीलवाड़ा में खोज निकाला। लेकिन यहां कहानी ने ऐसा यू-टर्न लिया कि पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सिस्टम हैंग मोड में चले गए।
महिला ने बड़े आराम से बताया मैं कोई लापता नहीं हूं साहब… मैं तो अपने असली पति चंद्रभान चिढ़ार और बच्चों के साथ रह रही हूं, इतना सुनते ही सात साल से पत्नी खोजो अभियान चला रही पुलिस की जांच सीधे विवाह प्रमाण पत्र तक पहुंच गई। महिला ने दस्तावेज दिखाए तो पता चला कि उसका विवाह वर्ष 2009 में ही चंद्रभान से हो चुका था और दोनों के बच्चे भी हैं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर अरविंद किस आधार पर महिला को अपनी पत्नी बताकर सात साल तक पुलिस को दौड़ाता रहा फिलहाल पुलिस और हम सबके मन मे एक सवाल उठ रहा है कि आखिर झूठी रिपोर्ट क्यों दर्ज कराई गई और सात साल तक सरकारी मशीनरी को किस आधार पर उलझाए रखा गया।

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