बोलता फोटो: क्यों न कोलारस में स्वच्छ भारत अभियान को ही बंद कर दिया जाए

इमरान अली/कोलारस। इन दिनों पूरे विश्व में प्रधानमंत्री का जादू सिर चढक़र बोल रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विदेशों में जाकर भारत का परचम लहरा रहे है। भारत को स्वच्छ बनाने का खूबसूरत सपना जो महात्मा गांधी ने देखा था जिसे पूरा करने का बीड़ा देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उठाया है। इसी मिशन को साकार बनाने में एनडीए सरकार हर वर्ष स्वच्छ भारत मिशन पर करोड़ो रूपए खर्च कर लोगो को जागरूक कर रही है। साथ ही ‘‘स्वच्छता अभियान’’ को युद्ध स्तर पर कराया जा रहा है। और लगातार बैठको में स्वच्छ भारत अभियान मिशन को कामयाब बनाने के लिए जरूरी दिशा निर्देश दिये जा रहे है। 

लेकिन कोलारस में अफसरो को प्रधानमंत्री का यह मिशन रास नही आ रहा है। और वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को नस्तो नाबूत करने में लगे है। साथ ही जिन हाथों में बागढोर सोंपी गई है वही अधिकारी भी इस मिशन में कोई रूची नही दिखा रहे है इस मिशन को सिर्फ एक कागजी कार्यवाही की तरह देख रहे है। 

ऐसा ही मामला कोलारस तहसील में सामने आया है। जहां हमारे समाचार प्रतिनिधी को भ्रमण के दौरान अस्वच्छता की दुर्लभ तस्वीर देखने को मिली। जहां नवीन तहसील भवन में में महीनो से साफ सफाई नही कि गई जिससे तहसील में बने शोंचालयो में गंदगी पसरी पड़ी है। जिसकी दुर्गंध पूरे तहसील भवन में फैल कर यहां कि आवो हवा को दूषित कर रही है। तहसील के अंदर पसरी गंदगी चीख चीख कर स्वच्छ भारत अभियान मिशन को आईना दिखा रही है। 

अपनी पीड़ा सुना रही है। महीनो से तहसील में बने शोंचालयो कि साफ सफाई न होने से यहां आने वाले लोगो को बाहर खुले में जाने को मजबूर है। जिससे इसके साथ ही तहसीलदार और नायाब तहसीलदार की जबाबदेही पर कई सवाल तो उठा रही है। 

औपचारिकता में सिमटा एसडीएम तोमर का निरीक्षण


तहसील भवन में में इतनी दुर्गन्ध और विषाक्त पूर्ण वातावरण बना हुआ है कि यहां के वैठना तो दूर खड़ा सांस लेना भी दुश्वार है। ऐसे में गुरूवार को कोलारस एसडीएम प्रदीप तोमर ने कई विभागो के साथ तहसील का भ्रमण भी किया था लेकिन निरिक्षण के दौरान उनहे शोंचालय में पसरी गंदगी नही दिखाई दी। 

जबकी शोंचालय कि दुर्गंध पूरे तहसील भवन के माहौल को दूषित कर रही थी। इसी के साथ ही तहसील में बनी पानी कि टंकी में पानी कि कमी से झूढ रही थी जिस पर भी कोलारस एसडीएम का निरिक्षण के दौरान ध्यान नही गया। लोग इस भीषण गर्मी में पानी के लिए व्याकुल देखे गए लेकिन अफसरो ने तहसील में आने वाले लोगो के लिए पीने के पानी की उचित व्यवस्था नही की और न ही कोलारस एसडीएम ने मामले पानी और साफ सफाई कि व्यवस्था का जायजा लिया इससे साफ प्रतीत होता है नवांतुक एसडीएम का औचक निरीक्षण मात्र औपचारिकता बनकर रह गया। 

अधिकारी लापरवाह तो कैसे सुधरेंगे हालात -

कोलारस में जिम्मेदारो ने ‘‘स्वच्छ भारत अभियान’’ को लेकर गंभीर नही देखे जा रहे है। यहां के अफसर सिर्फ के नाम पर सिर्फ फोटो सेंशन कराकर फोटो सिर्फ कागजी कार्यवाही पर विश्वास करते है। ऐसे में सरकार द्वारा चलाई जा रही स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वपूर्ण योजना जिसपर सरकार हर वर्ष करोड़ो रूपए खर्च कर रही है। 

यहां कि अफसरशाही का शिकार हो गई है। ऐसे में सवाल उठना तय है अगर जिम्मेदार अधिकारी ही सरकार कि मंशा पर खरे नही उतरेंगे तो आम जनता पर इसका दुष्प्रभाव पड़ेगा। ऐसे में स्वच्छ भारत का सपना जब साकार होगा जब जनप्रतिनिधियो और प्रशासनिक अधिकारियो को एक साथ आगे आना होगा। और अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। 

आज लोगो में जागरूकता की कमी है लोगो में जागरूकता लाने के लिए लोगो को जगह जगह चैपालो के और अन्य मीटिंगो के माध्यम से जागरूक करना होगा। वहीं स्वच्छ भारत का सपना साकार करने में युवा सबसे अधिक दिलचस्वी दिखा रहे है। ऐसे युवाओ को आगे लाकर प्रोत्साहन होगा जिससे वह अन्य लोगो के लिए आईडल वन सके।
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