शैला अग्रवाल अनाथ लड़कियों के यौन शोषण की दोषी | SHIVPURI NEWS

शिवपुरी। अपनी मां शकुतंला अग्रवाल के नाम पर शकुतंला परमार्थ समिति के तहत अनाथ आश्रम संचालन करने वाली एडवोकेट एवं कांग्रेस की महिला नेता शैला अग्रवाल एवं उनके पिता प्रोफेसर केएन अग्रवाल को अनाथ लड़कियों के यौन शोषण मामले में दोषी पाया गया है। शिवपुरी कोर्ट ने आज यह फैसला सुनाया। शैला अग्रवाल पर आरोप था कि वो अनाथ लड़कियों की परवरिश के नाम पर समिति का संचालन करती थी परंतु आश्रम में रह रहीं लड़कियों का यौन शोषण किया जाता था। शैला के पिता लड़कियों का बलात्कार करते थे। लड़कियां जब शैला से इसकी शिकायत करतीं तो उन्हे बेरहमी से पीटा जाता था। लड़कियों को यहां गुलाम बनाकर रखा गया था। कोर्ट ने बलात्कार एवं पोस्को एक्ट के तहत शैला व उनके पिता को दोषी पाया है। 

नशीली दवाएं देकर किया जाता था यौन शोषण
बालिकाओं ने जांच के दौरान बताया कि उनके साथ अनाथ आश्रम संचालिका शैला अग्रवाल के सेवानिवृत्त शिक्षक पिता केएन अग्रवाल अनैतिक कार्य करते हैं और जब लड़कियां इसकी शिकायत शैला अग्रवाल से करती हैं तो वह उनकी पिटाई करती है। महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक सुरेश तोमर के साथ दो काउंसलर को बालिकाओं ने बताया कि उन्हें नशीली दवाएं दी जाती हैं और उनका यौन शोषण किया जाता है। पीड़ित ​लड़कियों की उम्र 11 से 18 साल के बीच है। 

6 लड़कियों के साथ हुआ बलात्कार
महिला बाल विकास के संयुक्त संचालक तोमर ने आईएएनएस को बताया, "जांच में बालिकाओं द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर बाल संरक्षण अधिकारी सरिता शुक्ला ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने शैला अग्रवाल और उनके पिता केएन अग्रवाल पर पास्को सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। तत्कालीन कोतवाली प्रभारी संजय मिश्रा ने बताया कि संचालिका और उनके पिता पर मामला दर्ज किया गया। मिश्रा के मुताबिक, इस आश्रम में 23 बालिकाएं रहती हैं, जिनमें से छह ने उनके साथ दुष्कर्म किए जाने की बात कही है। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक यूसुफ करैशी के अनुसार, महिला बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक और दो काउंसलरों ने काउंसलिंग की तो छह बालिकाओं ने दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि की। आश्रम को सील कर दिया गया था। 
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