कीचड में फसी सिंध: पब्लिक पार्लियामेंट करेगी आंदोलन, रेली निकाली सौपा ज्ञापन

शिवपुरी। शिवपुरी के लाईफ लाईन कली जाने वाली सिंध जलावर्धन योजना जब लगभग रूक गया था। इस रूके हुए काम को शुरू कराने शहर को माधव चौक चौराहे पर तम्बू गाडकर बैठना पडा था। जब जाकर सिंध जलावर्धन योजना का काम शुरू हुआ था। लेकिन अब पुन: सिंध किचड में फस गई,और शहर में पेयजल सकंट चरम पर है। अब पेय जल संकट से लडने के लिए पुन: शहर में जलक्रांति शुरू हो रही है। 

जैसा कि विदित है कि  शहर के प्यासे कंठो की प्यासे बुझाने वाली योजना सिंध जलावर्धन 9 वर्ष में भी पूर्ण नहीं हो सकी है। इसी को लेकर पब्लिक पार्लियामेंट ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली। यह रैली सबसे पहले कलेक्ट्रेट पहुंची। पब्लिक पार्लियामेंट ने शिवपुरी कलेक्टर तरूण राठी से मिले और अपनी बात रखी। कलेक्टर ने उन्है आश्वासन दिया है। पार्लियामेंट ने कलेक्टर शिवुपरी को 1 माह का समय दिया है उसके बाद आंदोलन की चेतावनी दी है। 

उसके बाद यह रैली नगरपालिका पहुची जहां सीएमओ से बातचीत की और कहां की सिंध जलावर्धन का काम जल्द पूर्ण हो,यदि काम जल्द पूर्ण नहीं हुआ तो अप्रैल माह से जलक्रांति सत्याग्रह आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं स्थानीय विधायक यशोधरा राजे को भी ज्ञापन भेजा गया जिसमें समस्या के जल्द निराकरण किए जाने की मांग की। 

शहर के इस जल संकट से निपटने के लिए 25 सितंबर 2009 में सिंध जलावर्धन योजना शुरू की गई थी। जिसका काम दो वर्षों यानि कि 25 सितंबर 2011 में पूर्ण होना था लेकिन योजना के कई साल बीत जाने के बाद भी यह अभी तक पूर्ण नहीं हो सकी है। योजना में घोर लापरवाही और अनियमितता के चलते शहरवासियों को पानी उपलब्ध कराने वाली यह योजना 12 जून 2013 को पूरी तरह बंद हो गई और 2015 तक किसी भी प्रकार से शासन, प्रशासन या नगरपालिका द्वारा इस योजना के कार्य को पूर्ण कराने के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया गया। 

करोड़ों खर्च होने के बाद भी नहीं मिला पानी
जलक्रांति के सदस्यों ने बताया कि सिंध जलावर्धन योजना में करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी शहरवासियों को आज दिनांक तक पानी उपलब्ध नहीं हो पाया है। पानी से ग्रस्त शिवपुरी नगर की पब्लिक पार्लियामेंट नामक सामाजिक संस्था के माध्यम से 16 जून 2015 को अनिश्चितकालीन सत्याग्राह आंदोलन के रूप में क्रमिक अनशन प्रारंभ किया। 

इस आंदोलन  25 दिनों तक चलने के पश्चात 10 जुलाई मुख्यमंत्री और स्थानीय  विधायक के आश्वासन पर इस शर्त पर समाप्त किया गया कि माह में उक्त योजना का कार्य पूर्ण करके लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाएगा। जनता ने इनके आश्वासन पर भरोसा करते हुए अपना आंदोलन समाप्त किया, परंतु उन 6 माह को और 3 वर्ष बीत गए तथा 2 वर्षों में पूर्ण होने वाली योजना 9 वर्षों के बाद भी पूरी नहीं हो सकी। इस कारण फिर शहर में जलसंकट के हालात बन रहे है। 

योजना को लेकर अधिकारी, नेताओं ने किया छलावा
पब्लिक पार्लियामेंट के सदस्यों ने बताया कि पानी के नाम पर 9 वर्षों तक अधिकारियों व नेताओं ने सिर्फ छलावा ही किया है। इसलिए दो साल में पूर्ण होने वाली योजना आज दिनांक तक पूर्ण नहीं हो पाई है। जब इस संबंध जि मेदार अधिकारियों से बातचीत की जाती है तो दोनों एक-दूसरे पर आरोप लगाते हैं। 

वहीं नेताओं का भी यही हाल है वह भी पानी क ेलिए एक-दूसरे को जि मेदार बताते हैं। इस झूठे आश्वासनों से जनता काफी व्यथित और आक्रोशित हो गई है। 

एक माह में नहीं मिला पानी तो करेंगे जल क्रांति सत्याग्रह
पब्लिक पार्लियामेंट के सदस्यों ने बताया कि यदि एक माह में सिंध जलावर्धन योजना के द्वारा जनता के घर तक पानी नहीं पहुंचा तो जलक्रांति सत्याग्रह आंदोलन अप्रैल माह से किया जाएगा। और यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा जब तक शहर की जनता को सिंध जलावर्धन को पानी उपलब्ध नहीं हो जाता।
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