सहरिया आदिवासियों के साथ भद्दा मजाक, कहां है सहरिया क्रांति

Updesh Awasthee
0
शिवपुरी। शिवपुरी शहर से मात्र 13 किलोमीटर दूर सहरिया आदिवासियों को जलील करने की जो गंदी हरकत प्रकाश में आई है उसने अफसरशाही की के सामंती विचारधारा को तो उजागर किया ही है, साथ ही सहरिया आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई का दम भरने वाले सामाजिक संगठन सहरिया क्रांति पर भी सवाल उठा दिए। इस मामले का खुलासा एलएलबी के 2 छात्रों ने किया है। बता दें कि प्रशासन ने बीपीएल कार्डधारियों के घरों के बाहर लिखवा दिया है 'मेरा परिवार गरीब है।'

मामला शहर सी सीमा में आते जा रहे विनेगा गांव का है। सहरिया आदिवासियों की गरीबी को मजाक बना दिया गया है। इस गांव के आदिवासी परिवारों ने बताया कि करीब दो महीने पहले प्रशासन की ओर से कुछ लोग आए थे और उन्होंने बताया कि यह वाक्य तुम्हारे घरों की दीवारों पर लिखे जाने से तुम्हे गेहूं, चावल सहित दूसरी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। लेकिन यहां पर कई परिवारों को समय पर राशन नहीं मिल रहा है साथ ही पीएम आवास सहित दूसरी योजनाओं के लाभ से भी यहां क ग्रामीण वंचित बने हुए हैं। 

लॉ स्टूडेंट की शिकायत पर नोटिस जारी 
सहरिया आदिवासी परिवारों के साथ हो रहे इस भेदभाव की शिकायत उड़ीसा लॉ कॉलेज के छात्र अभय जैन ने राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग को की है।  इस शिकायत के बाद राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग हरकत में आया है। लॉ स्टूडेंट अभय जैन ने बताया कि आयोग ने शिवपुरी जिला प्रशासन और मप्र सरकार से उक्त मामले में नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जबाव मांगा है। शिकायतकर्ता अभय जैन ने कहना है कि यहां पर आदिवासी परिवारों की गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है। 

शिवराज की मंशा पर भारी पड़ रही अफसरशाही 
शिवपुरी जिले की अफसरशाही मप्र के सीएम शिवराज सरकार की मंशा पर भारी पड़ रही है। अभी हाल ही में सेसई में आयोजित सहरिया सम्मेलन में सीएम शिवराज सिंह ने सहरिया आदिवासियों के विकास के लिए करोड़ों रुपए के बजट वाली घोषणाएं की लेकिन विनेगा गांव में सहरिया आदिवासियों के घरों पर उनकी गरीबी को चिंहित करने के लिए दीवार लिखवा दी गईं। अब इस मामले में जिम्मेदार अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जरूरत है। 

क्या कहते हैं लॉ स्टूडेंट 
विनेगा गांव में सहरिया आदिवासियों की गरीबी का मजाक उड़ाया जा रहा है। यहां पर इन परिवारों के घरों पर मेरा परिवार गरीब है लिख दिया गया है। इस मामले में मेरी शिकायत पर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने नोटिस जारी किया है और चार सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी है। 
अभय जैन
लॉ स्टूडेंट शिवपुरी 
Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!