फाइनेंस कंपनी के ऋणी को 1 वर्ष की सजा व 1 लाख रू का अर्थदंड

शिवपुरी। न्यायिक मजिस्टेट प्रथम श्रेणी श्री अभिषेक सक्सैना द्वारा 138 एन.आई.एक्ट के तहत चैक वांउस के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरोपी नाथूराम जाटव निवासी आसपुर जिला शिवपुरी को चैक अनादरित होने पर 1 वर्ष का कारावास व 1 लाख रूपये की राशि के जुर्माने की सजा से दण्डित किया है।

प्रकरण के अनुसार आरोपी नाथूराम ने श्रीराम ट्रांसपोर्ट  कंपनी से लोन लिया था तथा जिसकी अदायगी चैक से की, लेकिन चैक बांउस हो गया जिस पर से परिवादी कम्पनी द्वारा न्यायालय की शरण ली। परिवादी की ओर से पैरवी पवन कुमार शर्मा अधिवक्ता द्वारा की गई ।

राशि अदा ना करने पर ली न्यायालय की शरण : प्रबंधक विवेक खण्डेलवाल 
इस पूरे मामले में श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी के शाखा प्रबंधक विवेक खण्डेलवाल ने बताया कि आरोपी नाथूराम द्वारा श्रीराम ट्रांसपोर्ट कंपनी फाइनेंस कंपनी से वाहन एमपी 33 टी. 0551 पर लोन लिया था जिसका चैक बांउस होने पर नोटिस दिया लेकिन आरोपी नाथूराम जाटव द्वारा कोई राशि अदा नहीं की तब अपनी राशि प्राप्त करने के लिए श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस कंपनी को न्यायालय में जाना पड़ा। 

जिस पर प्रकरण की सुनवाई पश्चात न्यायिक मजिस्टे्रट श्री अभिषेक सक्सैना ने आरोपी नाथूराम जाटव को ऋण अदायगी ना करने पर दोषी ठहराते हुए आरोपी को 1 साल सजा व 1 लाख रूपये की राशि से दण्डित किया है। 
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