शिवपुरी। अभी तक आपने तलवार बाजी, गदा चलाना और सुर्दशन चक्र को घुमना लडको को देखा होगा,लेकिन अब यह हुनर अनत: चौदहस की रात शिवपुरी की बेटियां भी करेंगी। वह इस काम के लिए पिछले 1 वर्ष से ट्रेनिंग भी ले रही है।
पिछले 1 वर्ष से आखाडे में अपने गुरू से आखड़ा की ट्रेंनिग ले रही गोरी कुशवाह ने कहना है कि रियो ओलंपिक में जिस तरह साक्षी व पीबी सिंधु ने अपने शानदार प्रदर्शन से महिलाओं का नाम देश में रोशन किया कुछ वैसा ही करने का इरादा हम भी रखते हैं और इसी लिए पिछले 1 वर्ष से हम न केवल तलवारबाजी के जौहर सीख रहे वरन हनुमान जी द्वारा धारण किए जाने वाली गदा को भी चलाना सीख रहे हैं।
सुदर्शनचक्र के माध्यम से हम अखाड़े के प्रत्येक गुर को सीखना चाहेते हैं। ताकि कोई यह न कह सकें कि महिलाए इस क्षेत्र में आगे आने से कतराती हैं। अगामी अनंत चतुर्दशी के दिन पहली बार सार्वजनिक मंच पर शहर में 15 सितंबर को अपने जौहर दिखाएंगी।
स्कूल के साथ-साथ कॉलेज की भी छात्राएं
करीब दो दर्जन से अधिक छात्राओं को अखाडे के जौहर सीखाने वाले सुखबीर सिंह का कहना है कि अब से 1 वर्ष पूर्व तक वह लडक़ों को ही अखाड़े के जौहर सिखाते थे। लेकिन 1 वर्ष पहले छोटी बहिन के साथ उसकी कुछ सहेलियों ने कहा कि क्यों न इस विधा में उन्हें भी ट्रेड किया जाए और बहिन के इस आग्रह को भाई ठुकरा नहीं सका और उसने 2 दर्जन से अधिक छात्राओं की ऐसी टीम तैयार कर ली है। जो तलवारबाजी, गदा प्रदर्शन और सुदर्शन चक्र की हर विधा में प्रशिक्षण ले रही हैं।
महिला सेना करेगी प्रदर्शन
हम पहले तो लडक़ों का अखाड़ा चलाते थे। लेकिन 1 साल से लड़कियों को हम अखाड़े की कलाबाजी सिखा रहे हैं। शहर में पहली बार महिला सेना अपना प्रदर्शन करेंगी।
सुखबीर सिंह, मु य प्रहलवान जयमहाकाली अखाड़ा
गौरी कुशवाह, अखाड़ा प्रहलवान
ग्वालियर के चकरी मेला में जीता तीसरा पुरस्कार
ग्वालियर के चक्की मेला में इन महिला सेना की टीम ने शानदार प्रदर्शन कर तीसरा पुरुस्कार जीत लिया। तब से इन अखाड़ा पहलवानों के मन में यह इच्छा जागी की वह इस क्षेत्र में और उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपना नाम रोशन करे और पिछले एक महीन से वह इस क्षेत्र में लगातार मेहनत कर कड़ा अ यास कर रही हैं।
