शिवपुरी। एक पुरानी कहावत है कि सैया भये कोतवाल तो डर कहे का। कोलारस में कुछ ऐसा ही हो रहा है। यहां बीएमओ की शिक्षिका बीबी का जलवा है। बीएमओ की बीबी के प्रभार वाले स्कूल में आज वे स्वयं नही मिली और इस स्कूल में केवल 2 छात्र ही उपस्थित मिलने की खबर आ रही है।
कोलारस विधानसभा के ग्राम झांडेल में बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है ग्राम झाड़ेल में शासकीय माध्यमिक विधालय बदहाली के दौर से गुजर रहा है जब हमारे समाचार प्रतिनिधी ने इस स्कूलो पर जाकर मामले की हकीकत जानने की कोशिश की तो देखकर दंग रह गए।
इस विधालय में शिक्षको की मनमानी नही बल्कि प्रभारी अध्यापक की मनमानी हावी है आलम ये है कि सिर्फ अतिथी शिक्षकों को के भरोसे स्कूल संचालित है खास बात ये है कि ग्रामीणो ने बताया की इस स्कूल की प्रधान अध्यापक सुनीता आर्य जो की कोलारस बीएमओ हरीश आर्य की पत्नी है वह स्कूल महिने में एक या दो बार ही आती है ऐसा ही नही मैडम का प्रभाव इतना है की मैडम स्टाफ का उपस्थिती रजिस्टर भी घर ले जाती है।
कोलारस बीएमओ की पत्नि होने के चलते ज्यादा कोई मैडम की शिकायत नही करता और मैडम अपना वेतन घर बैठे ही उपस्थित लगाकर आहरण किया जा रहा है। जब स्कूल की प्रभारी मैडम ही महिने में एक आध बार आती है जिससे अतिथी शिक्ष़्ाको के हौसले बुलंद है।
बच्चों की शिक्षा की तरफ कोई ध्यान नही दिया जा रहा स्कूल में 111 बच्चे दर्ज होने के बाद भी सिर्फ दो बच्चे ही स्कूल में बैठे मिले और तीन बाहर खेलते इस स्कूल मे चारो तरफ गंदगी का आलम है जिससे विधार्थीयो मे बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है।
बीएमओ साहब की शिक्षिका बीबी के इस जलवे से इतना तो ही लिखा जाता है कि वह अपनी मैडम को प्रतिदिन स्कूल नही भेज सकते तो वह दूसरे शिक्षको को कैसे प्रेरित करेगें।