शिवपुरी-जिले के बैराढ़ क्षेत्र के ग्राम ऐंचबाड़ा के ग्रामीणजन अपने देवता पूजने के लिए जंगल होते हुए नरसिंहपुर के जंगल में जा रहे थे। जहां इनके देवताओं का मंदिर है लेकिन यहां पहुंचते ही इन ग्रामीणों को वन विभाग के कर्मचारियों ने लकडिय़ा काटने को लेकर पकड़ लिया और बूढ़दा वन चौकी ले गए, इसके बाद वन मण्डलाधिकारी के समक्ष इन्हें पेश किया गया।
यहां जिला पंचायत में वन समिति के सभापति डॉ.कालूराम कुशवाह को जब जानकारी लगी तो वह वन मण्डलाधिकारी के पास पहुंचे और ग्रामीणों के साथ घटित घटनाक्रम की बात कही। जिस पर इन ग्रामीणों को छोड़ दिया गया। इस मामले में सभापति ने उचित कार्यवाही की मांग की है।
ग्राम ऐंचबाड़ा के निवासी कमरलाल पुत्र रतनू कुशवाह, ग्राम बिजौरा के शिशुपाल पुत्र माखन लाल कुशवाह,रामसिंह पुत्र आशाराम कुशवाह व राजेश पुत्र शिब्बू ने बताया कि वह अपने खेरे वाले देवता जो कि वन सीमा अंतर्गत नरसिंहपुर के जंगल में स्थित है यहां आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ देवता पूजने के लिए जा रहे थे।
इसी बीच उक्त चारों लोगों को वन विभाग के कर्मचारियों ने पकड़ लिया और अपने साथ वन थाना ले आए। यहां के बाद वन विभाग द्वारा विभाग के अधिकारी के पास लेकर पहुंचे। जब इस संबंध में जिला पंचायत सदस्य वन समिति के सभापति डॉ.कालूराम कुशवाह को जानकारी लगी तो वह वन मण्डलाधिकारी के पास पहुंचे और इन ग्रामीणाजनों को छुड़ाया।
इसके बाद अब वह कलेक्टर को शिकायत कर वन विभाग के कर्मचारियों के विरूद्ध कार्यवाही की मांग करेंगें।
सिंधिया ने जमीन आवंटित करने लिखा है पत्र
ग्रामीणजन कमर लाल ने बताया कि वह माननीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा वन सीमा अंतर्गत अपने देवताओं के आसपास जंगल में ोती के लिए जमीन मांगने आवेदन दिया था इसके लिए श्री सिंधिया ने भी 29 सित बर 2015 को जिला अधिकारी जिला शिवपुरी के नाम इन ग्रामीणों को वन भूमि में जमीन आवंटित करने के लिए पत्र लिखा और संबंधित कमर लाल व स्वयं को जानकारी देने की बात कही।
इसी पत्र के आधार पर यह ग्रामीणजन नरसिंहपुर के जंगल में पहुंचे थे लेकिन यहां इन्हें जमीन तो नहीं पर वन विभाग के लकड़ीयां काटने को लेकर पकड़ लिया।


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