शिवपुरी। जिले में आपराधिक घटनाओं के बाद अपराधी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए जिले के पुलिस बल में अब वैज्ञानिक पुलिस का भी सहयोग रहेगा इसके लिए पिछले 10 साल से फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट के खाली पड़े पद जिला वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ कर दिए गए हैं।
आपराधिक घटनाओं के बाद वैज्ञानिक ढंग से साक्ष्य जुटाने के लिए अब फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट सहित एफ एसएल टीम की मदद ली जाने लगी है, ग्वालियर से डॉक्टर एचएस बराडिय़ा को शिवपुरी भेजा गया है।
बताया गया है कि फि लहाल उनके साथ कार्य करने वाली 6 सदस्यीय टीम व कार्यालय भवन उपलब्ध नहीं हुआ है, लेकिन उ मीद जताई जा रही है कि जल्द ही टीम गठन व पृथक कार्यालय का संचालन शुरू हो जाएगा।
सोमवार को डॉक्टर बराडिय़ा ने कार्यभार भी ग्रहण कर लिया है और अस्थाई तौर पर कुटु ब न्यायालय के पास एक कक्ष में कार्यालय का संचालन किया जा रहा है इस विंग में फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट के अलावा डॉग एक्सपर्ट भी शामिल किए जाएंग।
ग्वालियर या गुना से बुलाई जाती थी टीम
अंधे कत्ल सहित अन्य आपराधिक वारदातों के बाद घटनास्थल के वैज्ञानिक परीक्षण के लिए अब तक एफएसएल टीम ग्वालियर या गुना से बुलाईं जातीं थीं, जिसमें काफी समय लग जाता था।
जानकारों का कहना है कि कई वैज्ञानिक साक्ष्य ऐसे होते हैंए जो घटना के कुछ घंटे बाद स्वत: समाप्त होने की आशंका रहती है ऐसे में अब जब शिवपुरी में जिला वैज्ञानिक अधिकारी पदस्थ कर दिए गए हैं उ मीद है कि आपराधिक घटनाओं के बाद वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाना प्रभावी और सरल होगा, जो कई गंभीर वारदातों के खुलासे में कारगर साबित होगी


प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।