शिवपुरी। 68 दिन चलने वाले नवकार महामंत्र के समापन अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों में दूसरे दिन रात्रि में पुनिया श्रावक नाटक संपन्न हुआ।
इस नाटक में राजा इन्द्रपाल ने अपने दुष्कर्मों को दूर करने के लिए जब एक समायिक खरीदनी चाही तो उसे करोड़ों रुपये देकर भी एक समायिक नहीं मिल सकी।
राजसी वैभव में मदमस्त राजा को प्रभु महावीर की देशना के बाद आत्मज्ञान हुआ। इस नाटक में स्थानीय कलाकारों द्वारा मंचन किया गया।
नवकार जपेश्वरी शुभंकराश्रीजी मण्साण्ठाणा.3 जैन श्वेता बर मंदिर पर विराजे हुए हैं। उनके द्वारा 68 दिनों का नवकार दरबार लगाया गया था जिसमें अंतिम 9 दिन अखण्ड जाप चला। जाप के समापन अवसर पर प्रथम दिन अष्टप्रकारी महापूजन एवं अभयदेव सूरी और हम एक बने नेक बने नाटक संपन्न हुए।
कार्यक्रम के दूसरे दिन दिन में 108 पाश्र्वनाथ भगवान का महापूजन हुआ जिसमें चार घंटे तक सिरोही निवासी मनोजकुमार जी हरण द्वारा पूजा विधि कराई गई। इसी रात्रि को पुनिया श्रावक का धार्मिक नाट्य मंचन किया गया।
चढ़ाया गया 68 किलो का लड्डू
आज नवकार दरबार के अंतिम दिन 68 किलो का लड्डू चढ़ाया गया जिसे लाभार्थी परिवार द्वारा बोली लेकर चढ़ाने का लाभ लिया। इस लड्डू को आज निकलने वाले कलश यात्रा में लाभार्थी परिवार अपने हाथों से शहरभर में वितरित करेगा।
केसर छिड़काव कर मनाया जश्र
आज हुए कार्यक्रम में भगवान नवकार पाश्र्वनाथए साध्वी जी एवं श्रावकों पर केसर छिड़ककर सभी ने जश्र मनाया। केसर छिड़कने का लाभ शिखरचंद कोचेटा परिवार द्वारा लिया गया। छिड़काव के साथ ही जमकर हुई भक्ति में सभी ने एक.दूसरे पर केसर छिड़की व नृत्य किया। रात्रि में 108 दीपकों की महाआरती की गई।
आज निकलेगा नवकार दरबार का भव्य जुलूस
बुधवार को प्रातरू 9 बजे से अभिमंत्रित कलशों की भव्य शोभा यात्रा आराधना भवन से प्रारंभ होकर मंदिर जी कोर्ट रोडए धर्मशाला रोडए द मो हलवाई वाली गलीए चंद्राप्रभु जिनालयए सदर बाजार से होते हुए परिणय वाटिका पहुंचेगी।
जिसमें पुरुष सफेद परिधान में व महिलाएं केसरिया साड़ी पहनकर शामिल होंगी। दोपहर 12ण्36 बजे महाप्रभावित मनोवांछित पूरण श्री महाश्रुत स्कन्ध पीठिका पूजन होगा। जुलूस के दौरान जैन समाज अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखेगा।
