शिवपुरी। सार्वजनिक रूप से यशोधरा राजे के चरणो की वंदना करने वाले सिविल सर्जन गोविन्द सिंह के अस्पताल में आज फिर एक गर्भवती महिला की मौत अस्पताल प्रबंधन के कारण हो जाने के समाचार मिल रहै है। मृतक महिला के पति ने अस्पताल में पदस्थ डॉक्टरो पर लपरवाही के आरोप लगाए है।
जानकारी के अनुसार मुरैना जिले की तहसील जौरा के वार्ड एक निवासी वीर सिंह अपनी आठ माह की गर्भवती पत्नी किरन उम्र 25 वर्ष व चार साल की बेटी के साथ परिच्छा गांव में रहने वाली अपनी चाची के घर आए थे।
सोमवार शाम किरन की तबीयत अचानक खराब हो गई तो पति उसे लेकर शाम पांच बजे शिवपुरी अस्पताल पहुंंचा। पांच बजे से सात बजे तक किरन अस्पताल के बरामदे में पड़ी रही और पति डॉक्टरों व नर्सों के यहां इधर से उधर भटकता रहा।
शाम सात बजे मेटरनिटी वार्ड में उसकी पत्नी को पलंग मिल सका। यहां नर्स ने उसे ड्रिप लगा दीए फिर यह कहकर निकाल दिया कि बीपी बडा हुआ है। इसके बाद महिला की तबियत लगातार बिगडती चली गई।
बकौल वीरसिंहए जब मैने नर्स से कहा कि उसकी हालत बिगड रही हैए एक बार देख लोए तो उसने झिडक दिया। रात में लगभग 12 बजे जब मेरी पत्नी के मुंह से झाग जैसे निकलने लगे तब मैंने नर्स से कहा कि जब वो मर जाएगीए तब देखोगी।
तब नर्स ने देखा और जल्दी-जल्दी पर्चा बनाया और एंबुलेंस से ग्वालियर रैफ र कर दिया। वीरसिंह अपनी पत्नी को एंबुलेंस से लेकर पोहरी नाके स्थित ग्वालियर बायपास तक ही पहुंचा था कि किरन ने दम तोड़ दिया। वीरसिंह एंबुलेंस सहित वापस अस्पताल लौट आया।
इस मामले में अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि महिला का हीमोग्लोबिन कम होने के साथ-साथ उसको बीपी की भी शिकायत थी हमने महिला को बचाने की बहुत कोशिश की परन्तु हम उसे नही बचा पाए।

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