आचार संहिता लागू, दावेदरों की धड़कनें तेज, 4 को होगा टिकिट मंथन

शिवपुरी। नगर पालिका चुनाव को लेकर आदर्श आचार संहिता की घोषणा भी हो गई है। इस घोषणा से नपा अध्यक्ष के टिकिट के दावेदारी की धडकने बड गई है, और जनमानस में भी टिकिट की इस दौड को देखने में उत्सुकता बड गई है। संभावना लग रही है कि 4 तारीख को भाजपा कार्यालय में टिकिट मंथन की मैराथन बैठक होगी।

भारतीय जनता पार्टी की जिला स्तरीय कोर कमेटी को लेकर जिन नामों की संभावना व्यक्त की जा रही है उनमें कैबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के अलावा विधायक प्रहलाद भारती, पूर्व विधायक ओमप्रकाश खटीक, संगठन के महामंत्री ओमी गुरू , भाजपा जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत के अलावा पूर्व विधायक नरेन्द्र बिरथरे या देवेन्द्र जैन में से किसी को लिया जा सकता है। इस बैठक मेेंं किसी टिकिट दावेदार का चेहरा खिलेगा, और कई दावेदारो को चैहरा मुरझा सकता है।

सूत्रों की मानें तो जीतने वाले प्रत्याशी को लेकर आंकड़ों के हिसाब से बात कोर कमेटी की बैठक में होगी और जातिगत आधार पर जिनके नामों की चर्चा चल रही है। उन पर विचार केवल जातिगत आधार पर नहीं होने की संभावना है। किसी नए चेहरे को पार्टी अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में ला सकती है इन नए चेहरों में पुराने कार्यकर्ता के तौर पर अशोक बाबा का नाम है और वर्तमान परिस्थितियों में सर्वहारा वर्ग से जुड़ा हुआ नया नाम मंडी उपाध्यक्ष कैलाश कुशवाह का सामने आया है। जिसके जीतने और हारने की संभावनाऐं कैबीनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया की मर्जी और ना मर्जी से तय होगी।

भारतीय जनता पार्टी की कोर कमेटी की बैठक 04 नव बर को आहूत होने की पूरी संभावना बन गई है। सूत्रों के मुताबिक 5 नव बर के पहले यह बैठक होना तय थी लेकिन यशोधरा राजे सिंधिया के विगत रोज संपन्न दौरा कार्यक्रम में इस बैठक को लेकर 04 नव बर की तारीख के संकेत मिले है। साफ लहजे में उन्हेांने कार्यकर्ताओं से कहा कि स्थापना दिवस के कार्यक्रम में कोई भी राजनैतिक बात नहीं होगी, मैं वापिस लौट के आ रही हॅंू और भाजपा कार्यालय पर व्यक्तिगत या गोपनीय तरीके से कार्यकर्ताओं की भावनाओं को जानूंगी।

गौरतलब है कि शिवपुरी नगर पालिका में वैश्य एवं ब्राह्मण समुदाय के लोगों की सं या 40 हजार से ऊपर है। भारतीय जनता पार्टी इस समुदाय की भावनाओं के अनुरूप भी अपना निर्णय लेने की कार्यवाही करेगी। जातिगत आधार पर कुशवाह और राठौर समाज  का बाहुल्य शहर में माना जाता है। राठौर समाज को लेकर पिछड़े वर्ग में ही नहीं बल्कि अन्य वर्गों में संदेश ठीक नहीं है जिसकी पुष्टि स्वयं कैबीनेट मंत्री अपने विधानसभा चुनाव में कर चुकी है।

इसीलिए इस वर्ग से किसी नए चेहरे को अवसर मिले इसकी संभावना फिलहाल कम नजर आती है। दूसरा वर्ग कुशवाह है जिसको लेकर मण्डी उपाध्यक्ष कैलाश कुशवाह के नाम की चर्चा जोरों पर है। यदि मण्डी से बाहर कैलाश कुशवाह की क्षमताओं को पार्टी ने परखा होगा तो उन्हें अवसर मिल सकता है। इसके बाद गैर जातिगत सं या बल के आधार पर भी निर्णय लेने में पार्टी को कोई कोताही नहीं होगी।

क्योंकि भारतीय जनता पार्टी का वातावरण है और नगर पालिका के चुनाव को लेकर पार्टी और पार्टी से बाहर यदि कोई विरोध है तो वह वर्तमान अध्यक्ष के नाम का है। जिसे चुनाव तक पार्टी कार्यकर्ता पाटने में सफल हो सकते है। जहां तक गुटबाजी का सवाल है तो दावेदारों की सं या कैबीनेट मंत्री के समर्थकों की ज्यादा है जिसमें कैलाश कुशवापह, बद्री धाकड़, अशोक बाबा, हरचरण पाल, मथुरा प्रजापति के अलावा भोपाल सिंह दांगी को भी माना जा सकता है।

इसमें अशोक बाबा ऐसा नाम है जिसके बारे में यशोधरा समर्थकों की राय कैलाश कुशवाह के बाद अब ज्यादा बन रही थी। लेकिन राजे के दौरा कार्यक्रम के बाद बद्री धाकड़ का नाम भी तेजी से सामने आया है। दूसरे जो अन्य नाम है उनमें राजू बाथम और हेमंत ओझा को लेकर नरेन्द्र सिंह समर्थकों का दबाब बनता जा रहा है। संगठन की पसंद क्या होगी इसे अभी खुलासा करना मुश्किल है लेकिन इतना तय है कि जीतने वाले प्रत्याशी को लेकर आम राय एक होगी। जिससे कैबीनेट मंत्री के लिए बना यह प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव भाजपा के पक्ष में जा सकता है। फिलहाल कमेटी की घोषणा से पहले यह कयास लगाए जा रहे है कि नरेन्द्र सिंह समर्थकों का बोलबाला कोर कमेटी में हो सकता है। 


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