लावारिस की मौत: बंटवारे के लिए वारिसों का हंगामा

shailendra gupta
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शिवपुरी। पिछले कुछ सालो से घर त्याग कर मंदिरो पर रहकर जीवनयापन कर रहे एक ग्रामीण की संर्पदशं से मौत के बाद उसके वारिसाना हक को लेकर पोस्टमार्टम हाऊस पर मृतक के ससुरालीजनों और परिजनो ने जमकर हंगामा किया।

जानकारी के अनुसार ग्राम झूलना निवासी मनमोहन सिंह पुत्र सीताराम धाकड़ कुछ वर्षो से घर त्याग कर मंदिरो पर रह रहा था। शनिवार को ग्राम कु हरौआ के ठाकुरबाबा मंदिर पर मनमोहन को सर्प ने डंस लिया उसे जिला चिकित्सालय लेकर आए, जहां उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने ग्रामीणो का पंचनामा बनवा कर बाबा को लावारिस दर्शा कर उसका पीएम करा दिया। इसी बीच मनमोहन की मौत की खबर उसके ससुराल वालो को लग गई और मनमोहन की पत्नी रामश्री, ससुर चिरौजीं व साले लक्ष्मी नारायण एंव प्रियचरण पीएम हाऊस पर आ गये, और ग्रामीणो से झगडने लगे कि उन्होने बाबा को लावारिस कैसे लिखवा दिया।

ग्रामीणो का मृतक चिरौंजी से कहना था कि याादि लाश आपके दामाद की है, तो आप ले जाओ,हमे क्या करना। मृतक के परिजनइस बात पर अड़े रहे कि पहले मृतक के परिजन इस बात पर अड़ेरहे कि मृतक के बारिश के रूप में उनका नाम लिखा जाए वह लाशतभी ले जाएंगे अन्यथा लाश न जो ले जाएगें और ना ले जाने देंगें। यह मामला करीब एक घंटे तक पीएम हाउस पर चलता रहा।

खुद को मृतक का ससुर व साले बताने वाले ग्रामीण चाहते थे कि पुलिस उन्हें मृतक का बारिश बताते हुए लाश उनकी सुर्पदगी में दे दे जबकि पुलिस का कहना था कि वह लाश मृतक की पत्नी अथवा बच्चों की सुपुर्दगी में देंगे या फिर उन पंचो की सुपुर्दगी मे जिन्होने पंचनामे पर हस्ताक्षर किए है। मृतक की पत्नि भी साथ में थी परंतु उक्त तीनों पिता पुत्र इस बात पर तैयार ही नही थेे कि लाश मृतक की पत्नि की सुपुर्दगी में दी जाए। अंतत:पुलिस ने मृतक की पत्नि सहित साले व ससुर की सुपुर्दगी में लाश दे दी।  

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