यावदा कला के पूर्व सरपंच को सिविल जेल

shailendra gupta
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शिवपुरी। अनुविभागीय दण्डाधिकारी शिवपुरी डीके जैन ने 69600 रूपये शासकीय राशि जमा न करने के कारण यावदा कला के पूर्व सरपंच सरदार सिंह को सिविल जेल भेजने के लिए वारंट जारी कर दिया है। जिसकी तामील सिरसौद पुलिस करेगी। इसके पहले शासकीय राशि न जमा करने पर यावदा कला ग्राम पंचायत के ही पूर्व सचिव मोहनलाल स्वर्णकार और प्रेम शंकर दुबे के विरूद्ध जेल वारंट जारी कर दिए गए थे। मोहनलाल पर 18500 और प्रेम शंकर दुबे पर 54600 रूपये की शासकीय राशि निकल रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 2007-08 में माध्यमिक शाला भवन यावदा कला के निर्माण हेतु 6 लाख 78 हजार रूपये की राशि स्वीकृत हुई थी। इस राशि में से लगभग 95 प्रतिशत भुगतान 6 लाख 44 हजार 100 रूपये निकाल लिए गए थे। इस कार्य का जब मूल्यांकन हुआ तो कार्य 6 लाख 8 हजार रूपये का पाया गया। इस तरह से 36 हजार 100 रूपये की राशि ग्राम पंचायत के सरपंच सरदार सिंह और सचिव मोहनलाल से बसूल किया जाना है। इसी तरह से सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत वर्ष 2008-09 में प्राथमिक विद्यालय यावदा कला में अतिरिक्त कक्ष के निर्माण हेतु 2 लाख 35 हजार रूपये की राशि स्वीकृत हुई जिसमें से 95 प्रतिशत राशि अर्थात् 2 लाख 23 हजार 250 रूपये सरपंच सरदार सिंह और तत्कालीन सचिव प्रेमशंकर दुबे द्वारा निकाल ली गई।

इस कार्य का जब जिला परियोजना समन्वयक ने मूल्यांकन कराया तो उक्त कार्य 1 लाख 90 हजार का पाया गया। इस तरह से 33 हजार 149 रूपये सरपंच सरदार सिंह और सचिव पे्रम सिंह से बसूली योग्य हैं। इस मामले में सरपंच ने सचिव मोहनलाल पर फर्जी आहरण का आरोप लगाया और यह मामला न्यायालय में चला जहां से मोहनलाल बरी कर दिया गया और न्यायालय ने फैसला दिया कि मोहनलाल ने फर्जी आहरण नहीं किया है। बचाव में सचिव प्रेमशंकर दुबे ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि उसे कोई शासकीय राशि नहीं देनी है तथा उसके कार्य का मूल्यांकन कर दिया गया है और जो राशि देने योग्य निकली उसमें से फर्स, प्लास्टर और रंग में खर्च हो गया। लेकिन एसडीएम ने फैसला दिया कि सरपंच सरदार सिंह से  69600 रूपये, सचिव प्रेमशंकर दुबे से 54600 रूपये और मोहनलाल से 18500 रूपये बसूली योग्य हैं। उक्त राशि अदा न करने पर एसडीएम ने जेल वारंट जारी कर दिया।

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