वनविद्यालय का संचालक मुझसे अश्लील बातें करता है, लड़कियों के नंबर मांगता है

0
शिवपुरी। अभी अभी खबर आ रही है कि वन विधायलय शिवपुरी के संचालक टीएस सुलिया पर वन विधायलय में वन रक्षक के पद पर महिला वार्डन के रूप में कार्य कर रही शशिकला ने छेड़छाड़, दुव्र्यवहार,डाराने धमकाने और हॉस्टल में ट्रेनिगं ले रही लडकियो के मोंबाईल नंबर लेने के गंभीर आरोप लगाए है।

महिला का कहना है कि 22 मार्च से लगातार वन संरक्षक मुझसे अश्लील व्यवहार और छेड़छाड़ कर रहे हैं और शारीरिक तथा मानसिक प्रताडऩा दे रहे हैं। बकौल महिला वार्डन, मेरे द्वारा विरोध करने पर वन संचालक नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं और मुझसे कहते हैं कि हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों के मोबाइल नंबर मुझे दो। प्रताडि़त महिला कर्मचारी ने आज शिवपुरी आईं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक गोपा पाण्डे को भी इस बाबत् शिकायत की है

महिला अधिकारी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह इस मामले की जांच करवाएंगी। पुलिस अधीक्षक और हरिजन थाना पुलिस को की गई शिकायत में शशिवाला ने बताया कि 22 मार्च को वन संचालक ने मुझे चेत्बर में बुलाया तथा मुझसे अश्लील बातें करने की कोशिश की। विरोध करने पर उन्होंने अपशब्द कहे तथा डराया, धमकाया। कहा कि यदि तुमने मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
इसके बाद वन संचालक ने 24 मार्च को पुन: मुझे अपने चे बर में बुलाया और फिर अश्लील हरकतें कीं। 3 मई को तो हद हो गई। शाम के समय जब मैं वन विद्यालय केंपस में ड्यूटी पर थी तो वनरक्षक मैस गैलरी में गाय भगाने के बहाने वन संचालक ने मेरा हाथ पकड़ लिया। इसके बाद शाम 7 बजे जब मेरे घर से फोन आया तो फोन के बारे में पूछताछ करने लगे और बोले कि तु हारी नौकरी खतरे में है। अपनी नौकरी बचाओ।

वन संचालक ने आरोपों को निराधार बताया
वन संचालक सुलिया ने अपने पर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उक्त महिला उन पर बिना काम के वेतन देने का दबाव बनाती है। जब मैं उससे काम करने को कहता हूं तो वह छेड़छाड़ का आरोप लगाने लगती है। श्री सुलिया के अनुसार 25 साल की उनकी नौकरी में कभी इस तरह के आरोप नहीं लगे। मैंने महिला कर्मचारी को कभी अपने घर नहीं बुलाया। लेकिन काम के लिए चे बर में बुलाकर तो मैं उससे बात करूंगा इसमें गलत क्या है।

Tags

Post a Comment

0Comments

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।

Post a Comment (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Check Now
Ok, Go it!