शिवपुरी। करैरा में अपर सत्र न्यायाधीश एसएस परमार ने बुधवार को दिनारा के चर्चित तिहरे हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास एवं 8.8 हजार रुपए अर्थदंड की सजा से दंडित किया। मरने वालों में मां व दो बेटे शामिल थे।
अभियोजन के अनुसार हायर सेकंडरी स्कूल दिनारा के पास रहने वाले भानुप्रताप पुत्र नत्थूराम अहिरवार ने 16 मार्च 2013 को अपने पड़ोस में देखा कि श्यामवती व उनके दो बेटे जितेंद्र तथा आकाश की खून से लथपथ लाश घर में अलग.अलग पड़ी हैं। दिनारा में हुए इस तिहरे हत्याकांड ने पुलिस की मुश्किलें भी बढ़ा दी थीं।
हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस ने जब जांच की तो उसमें चार आरोपी कालू पुत्र राजीव निवासी नुनवाहाए छोटू उर्फ कृष्णकांत दिनाराए जितेंद्र हजीरा ग्वालियर एवं बल्लू उर्फ रवि निवासी हजीरा के नाम सामने आए। न्यायाधीश श्री परमार ने पक्ष.विपक्ष के वकीलों की दलील सुनने के बाद चारों आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। गौरतलब है कि तिहरे हत्याकांड को प्रेम प्रसंग के चलते षड्यंत्र के तहत बाहर के बदमाशों को बुलाकर कराया था।