शिवपुरी। जिला चिकित्सालय में पदस्थ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपीएस रघुवंशी और एएनएम के बीच बने लिव इन रिलेशन के मामले में पीडि़त महिला ने डॉक्टर की पत्नी का दर्जा पाने के लिए शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है।
खास बात यह है कि डॉ. रघुवंशी और पीडि़ता दोनों ने स्वीकार किया है कि कई वर्षों तक उनके विवाहेत्तर संबंध थे और वे पति-पत्नी की तरह रह रहे थे। लेकिन विवाद तब हुआ जब डॉक्टर ने पीडि़ता को अपनी पत्नी का दर्जा देने से इनकार कर दिया। बकौल डॉक्टर, एएनएम उन्हें ब्लैकमेल कर रही है जबकि पीडि़ता का जवाब है कि यदि अपने पति से राशन मांगना ब्लेकमेलिंग है तो यह अपराध उसने किया है।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक डॉ. महेन्द्र सिंह सिकरवार का कथन है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लिव इन रिलेशनशिप को वैधानिक दर्जा दिया है और यदि महिला या उसका पुत्र जीवन यापन के खर्च की मांग करता है तो उसे देने के लिए लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाला पुरूष बाध्य है।
पीताम्बर पीठ जाकर रचाई थी शादी
पीडि़ता नर्स रीता ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि 20 वर्ष पहले उसके पति राजकुमार शर्मा का देहांत हो गया था। उस समय उसका एक बच्चा था। वह शिवपुरी हास्पिटल में 2005 में आई। यहां उसका संपर्क चिकित्सालय में पदस्थ डॉ. रघुवंशी से हुआ। डॉक्टर रघुवंशी ने उसे एक अस्पताल में पदस्थ नर्स के माध्यम से शादी का प्रस्ताव पहुंचाया तो उसने पहले डॉक्टर के बारे में जानकारी एकत्रित की और उसके बाद उसने विवाह के लिए स्वीकृति दे दी। बाद में दोनों दतिया में पीताम्बरा पीठ मंदिर पहुंचे जहां धूमावती देवी के समक्ष दोनों ने गंधर्व विवाह कर लिया।
नवरात्र में करना चाहता था सेक्स, मना किया तो संबंध तोड़ लिए
डॉ. रघुवंशी ने उसकी पीड़ा को जानकर उसे श्रीराम कॉलोनी में एक मकान बनवा दिया। मकान बनवाने के लिए कुछ पैसा पीडि़ता ने अपने पास से दिया और कुछ डॉक्टर ने। मकान बनने के बाद डॉक्टर उसकी रोजमर्रा की जरूरतों की पूर्ति करने लगा बकौल पीडिता, पति-पत्नी होने के नाते डॉक्टर ने उसके साथ शारीरिक संबंध भी बनाए और दो बार गर्भ ठहर जाने के बाद उसका गर्भपात करा दिया। पिछले 10 वर्षों से दोनों के संबंध मधुर थे। रीता ने बताया कि नवरात्रों में जब वह उपवास कर रही थी तब डॉक्टर उसके घर आया और उससे संबंध बनाने के लिए जिद की। मना करने पर उसकी मारपीट कर दी। उसी के बाद से दोनों के संबंधों में खटास पैदा हो गई और दूरियां बढ़ गईं। इसके बाद ही डॉक्टर ने उससे संबंध तोड़ लिये।
डॉक्टर की पत्नी ने नर्स पर लगाया ब्लेकमेलिंग का आरोप
डॉक्टर की पत्नी ने नर्स पर ब्लैकमेलिंग के आरोप लगाते हुए एक शिकायती आवेदन पुलिस को दिया। रीता स्वीकार करती है कि अगर अपने पति से राशन मांगना अगर ब्लैकमेलिंग है तो फिर कोई भी पत्नी अपने पति से घर के लिए राशन नहीं मांग सकती।