उपदेश अवस्थी/भोपाल। पिछोर के पहलवान, दिग्विजय सिंह के खास और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में शुमार केपी सिंह जिन्हे कांग्रेस प्रदेश स्तरीय जिम्मेदारियां देने का मन बना रही थी, खुद भाजपा में शामिल होेने वाले थे।
पर्दों से बंटे राजनीति के कमरों में कोई बात ज्यादा देर तक छिपी नहीं रहती। खुलासा हो गया है कि भाजपा के मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने इस संदर्भ में केपी सिंह से संपर्क किया था। दोनों के बीच कई बार बातें और कुछ मुलाकातें भी हुईं। अंतत: केपी सिंह तैयार हो गए परंतु इसके एवज में उन्होंने ग्वालियर से लोकसभा के टिकिट की मांग कर दी। अब जिस सीट से खुद नरेन्द्र सिंह तोमर उतरने वाले हों, वो सीट केपी सिंह को कैसे दी जा सकती थी। भाजपा ने उन्हें किसी दूसरी सीट का चुनाव करने का विकल्प दिया साथ ही आश्वासन भी कि उन्हें लोकसभा सीट हर हाल में जिताकर दी जाएगी, लेकिन केपी सिंह ग्वालियर की सीट पर ही अड़ गए और मामला उलझ गया।
