भोपाल। शिवपुरी में मेडीकल कॉलेज को नकारने वाले सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यूटर्न ले लिया है। अब वो उस आदेश को तो मान रहे हैं जो कॉलेज के लिए जारी हुआ लेकिन उपहास उड़ाने के लिए जोड़ते हैं कि एक कागज के टुकड़े से क्या होता है, कॉलेज खोलने के लिए बहुत कुछ करना पड़ता है।
मुख्यंमत्री ने शिवपुरी में मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा के संबंध में अपना बयान बदलते हुए कहा कि चुनावी साल में हारने से बचने के लिये मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा कर दी। पांच साल पहले यह घोषणा क्यों नहीं की। कागज का एक टुकडा थमा दिया। न तो बजट का पता है और न ही जमीन का पता है।
उन्होंने कहा कि देश में 10 वर्षों से कांग्रेस केन्द्र में सत्ता में है। तब शिवपुरी में मेडीकल काॅलेज खोलने की कार्ययोजना पर केन्द्रीय सरकार और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने न तो विचार किया न अमल किया, लेकिन अप्रैल, मई में हो रहे लोकसभा चुनाव को देखते हुए फरवरी में मेडीकल काॅलेज खोलने के लिए एक चिट्ठी जारी कर दी और श्रेय लेने के लिए ढोल पीट रहे है।
जनता जानती है कि मेडीकल काॅलेज खोलने के पहले अस्पताल खोला जाता है। स्थान आरक्षित किया जाता है, बजट प्रावधान किया जाता है। केन्द्र सरकार सिर्फ बतौलेबाजी करती है। ज्योतिरादित्य सिंधिया की समझ में आ गया है कि केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी की सरकार बन रही है। शिवपुरी में मेडीकल काॅलेज खोलने की घोषणा करके कांग्रेस राजनीति करके श्रेय लूटने में क्यों चूके ?
