...आखिर क्यों बौखलाए सिंधिया?

दो-टूक@ललित मुदगल/राज (ग्वाल) यादव/ शिवपुरी-एक प्रदेश मध्यप्रदेश, एक महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया जिन्हें पूरे प्रदेश में महाराज के नाम से जाना जाता है हालांकि वे इस काबिल भी है क्योंकि राजघराने से ताल्लुक जो रखते है, एक विधायक देशराज सिंह यादव जो बीते तीन बार से अपने विधानसभा क्षेत्र मुंगावली का प्रतिनिधित्व करते है।

यह तो रही राजनीति अब इसमें होने वाले विकास कार्यों की होड़ पर हर कोई अपना हक जताना चाहते है और इन नेताओ के समर्थक भी अपने-अपने हिसाब से समर्पण भाव रखते है फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि भरे मंच से हमारे केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंगावली के विधायक देशराज सिंह को कहे तो उन्हें  धमकी तक दे डाली, हालांकि वह राजनीतिक मंच था और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क का भूमिपूजन समारोह। फिर ऐसे में सिंधिया जी का इस तरह बौखलाना कई तरह के सवालों का जन्म दे गया।

रविवार के मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बमौरी टांका में हुए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क के भूमिपूजन समारोह में जिस प्रकार से प्रोटोकॉल नियमों को ध्यान में रखते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रहे तो वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा क्षेत्र के विधायक देशराज सिंह यादव ने की। यहां कार्यक्रम में देर से पहुंचे सिंधिया के आने से पहले देशराज समर्थकों ने अपने नेता के जमकर नारे लगाए और जब सिंधिया आए तो अचानक उनके सुर बदल गए उन्होंने सिंधिया मुर्दाबाद, देशराज जिंदाबाद के नारे लगाकर पूरे कार्यक्रम  का जैसे तख्ता पलट ही कर दिया हो, इन नारेबाजी के बीच से केन्द्रीय मंत्री श्री सिंधिया इस कदर भड़के कि उन्होंने अपने शब्दों में मुंगावली विधायक को चेतावनी कहें या धमकी तक दे डाली कि सोए शेर को जगाना ठीक नहीं, क्या ऐसे में सिंधिया स्वयं को शेर बता रहे है और वह इस काबिल है कि यदि वह जाग भी गए तो क्या कर लेंगें, आखिर प्रदेश में 10 साल से विपक्ष का सामना कर रही कांग्रेस के कौन-कौन से शेर जागेंगे, श्री सिंधिया ने आगे कहा कि क्या समझते  कि तुम 10-15 लोग हो, अगर मैं चाहूंू तो पूरे संभाग के लोगों को यहां ला दूंगा फिर तुम्हारा क्या होगा, यहां इस बयानबाजी का क्या अंदाजा लगाया जाए कि सिंधिया अपनी हैसियत का वर्चस्व दिखा रहे थे या अपनी दमदारी जो सरेआम मंच से इस तरही की बयानबाजी की, सिंधिया ने आगे कहा कि तुम 15-20 गाड़ी लेकर आए हो, मैं हजार गाड़ी ला दूंगा, भिण्ड-मुरैना-श्योपुर के सब लोग यहां पहुंचेंगें, तब सोचो क्या हाल हो जाएगा तुम्हारा, भरे मंच से हुंकार भरे रहे सिंधिया के यह बयान आखिर क्या कहना चाह रहे है कि वह इस क्षेत्र में लड़ाई झगड़ा करने पर उतारू है क्या वे अपने समर्थकों को भड़काना चाहते है, हालांकि इस तरह की कोई प्रतिक्रिया उनके समर्थकों से नहीं आई, लेकिन मीडिया में जब से यह बयान आए तो तब से लगता है कि उनके समर्थक अब केवल सिंधिया के इशारे का इंतजार कर रहे है, सिंधिया ने कहा कि तुम अगर शेर को छेड़ोगे(डंडा लगाओगे) तो शेर क्या करता है, सब जानते है, यहां सिंधिया के इस बयान ने भी क्षेत्रवासियों को डरा दिया है कि यदि आगामी समय में संभवत: सीएम के लिए प्रोजेक्ट होने वाले केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने असली रूप को प्रदर्शित करने के मूड में तो नहीं है। आखिरी में कहा कि तुम मुझे एक बार छेड़ दोगे तो तुम और तुम्हारे नेता पछताऐंगें, आखिर इस बयानबाजी का क्या मतलब है। इस पूरे मामले में केन्द्रीय मंत्री की बयानबाजी मीडिया की सुर्खियां बनी हुई है और आम जनमानस में श्री सिंधिया के यह बयान कचौट रहे है कि ऐसे सिंधिया जो हमेशा जनता के लिए समर्पित भाव से विकास पुरूष के रूप में जाने-जाते है आज वह जो रौद्र रूप दिखा रहे है आखिर इसमें उनकी मंशा क्या है?  श्री सिंधिया के यह बयान लोगों में अब चर्चा का विषय बना हुआ है वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक के शांत रवैये ने जिस प्रकार से यह सब सुना तो वे भी हतप्रभ रह गए कि एक केन्द्रीय मंत्री का इस तरह का रवैया क्या उचित है?


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