कोलारस. क्षेत्र में जिला प्रशासन की हठधर्मिता के चलते एसडीएम और तहसीलदार की प्रताडऩा का शिकार हुए दो पटवारी क्रमश: प्रकाश पटवारी और फिरोज खान के आत्महत्या मामले को पटवारी संघ ने गंभीरता से लिया है। पटवारी संघ ने अपनी शोक संवेदना मृतक के परिजनों से जताते हुए अपनी कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी है।
इस संबंध में पटवारी संघ का कहना है कि जिला प्रशासन जब तक मृतक के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति व शासन के द्वारा 5 लाख की सहायता राशि प्रदान नहीं करता तब तक यह आन्दोलन नियमित रूप से जारी रहेगा। पटवारी संघ की यह मांगें सही भी है क्योंकि पटवारी प्रकाश खटीक की मौत को आज तीन साल पूरे होने को है तो वहीं पटवारी फिरोज खान भी एक भरा-पूरा परिवार है। जहां इस परिवार की जिम्मेदारी फिरोज खान के कंधों पर ही थी लेकिन असमय हुई इस मौत पर यदि घाव का मरहम इन मांगों के साथ लगाया जाए तो काफी हद तक इस परिवार को ही नहीं बल्कि पटवारी संघ और आमजन की मानवीय संवेदना भी प्रशासन को दुआऐं देंगी।
अब किसकी बारी...
जिले के कोलारस क्षेत्र में प्रशासनिक प्रताडऩा के चलते दो पटवारी असमय ही काल के गाल में समा चुके है। अब ऐसे में अन्य पटवारियों की धड़कनें तेज होना स्वाभाविक है। क्योंकि काम को बोझ उन पर भी है एक ओर प्रशासन ने अब नसबंदी जैसे टारगेट को पूरा करने के लिए पटवारियों पर भी जिम्मेदारी का भार डाला है तो वहीं इस टारगेट के पूरा ना होने पर वेतन वृद्धि रोके जाने की बात भी प्रशासन द्वारा कही गई है। इस तरह देखा जाए तो दबाब तो यहां भी नजर आता है यदि इसी तरह के कार्यों को प्रशासन जबरन पूर्ण कराएगा तो कैसे कहें कि प्रशासन अपने कार्य को पूर्ण ईमानदारी से निष्पक्षता के साथ पूर्ण करेगा। इससे तो अब प्रतीत होने लगा है कि दो पटवारियों की मौत के बाद अब किस पटवारी की मौत....।
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