शिवपुरी- गत दिवस घसारई पर पटवारी फिरोज खान की आत्महत्या के मामले में अब पटवारियों ने कलम बंद हड़ताल शुरू कर दी। यहां पटवारियों ने इस मामले में लामबंद्ध होकर तहसीलदार के विरूद्ध हुंकार भरी है और प्रशासन से मांग की है कि कोलारस तहसीलदार लक्षीराम कोली के विरूद्ध यदि कार्यवाही नहीं की गई तो वह कलमबंद्ध हड़ताल पर रहेंगे और कोई काम नहीं करेंगे। यहां बता दें कि पटवारी फिरोज खान ने तहसीलदार कोलारस द्वारा दी जा रही प्रताडऩा के चलते सुसाईड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।
इस मामले में मुस्लिम संप्रदाय व परिजनों के साथ-साथ पटवारी संघ ने भी प्रशासन व पुलिस पर जमकर कटाक्ष किए और तहसीलदार के विरूद्ध कार्यवाही पर अड़े रहे। कलेक्टर के आश्वासन के बाद इनका गुस्सा शांत हुआ लेकिन घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होता देख पटवारियों ने कलमबंद्ध हड़ताल श्ुारू कर दी।
मध्प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले सोमवार को सभी पटवारी मध्यदेशीय अग्रवाल धर्मशाला स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुए और पूर्व में कोलारस एसडीएम की प्रताडऩा से मृतक पटवारी प्रकाश खटीक व वर्तमान में कोलारस तहसीलदार लक्षीराम कोली के द्वारा दी गई प्रताडऩा के चलते एक और पटवारी फिरोज खान की मौत को लेकर पटवारी संघ लामबंद्ध हो गया है। पटवारी संघ ने इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें प्रशासन के समक्ष और इन मांगों को पूर्ण करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष चन्द्रप्रकाश टेंभरे व जिलाध्यक्ष गोपाल प्रधान सहित समस्त पटवारी संघ ने मांग की कि मृतक दोनों पटवारियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति व मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि प्रदान की जाए साथ ही तहसीलदार व एसडीएम के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए इन्हें पद से पृथक किया जाए यदि ऐसा नहीं होता है तो पटवारी संघ कलमबंद्ध हड़ताल कर काम पर नहीं लौंटेंगे। पटवारी संघ ने चौराहे पर ही अपनी समस्याओं के निदान के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
क्या मांगे है पटवारी संघ की
मध्प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले सोमवार को सभी पटवारी मध्यदेशीय अग्रवाल धर्मशाला स्थित कार्यालय पर एकत्रित हुए और पूर्व में कोलारस एसडीएम की प्रताडऩा से मृतक पटवारी प्रकाश खटीक व वर्तमान में कोलारस तहसीलदार लक्षीराम कोली के द्वारा दी गई प्रताडऩा के चलते एक और पटवारी फिरोज खान की मौत को लेकर पटवारी संघ लामबंद्ध हो गया है। पटवारी संघ ने इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगें प्रशासन के समक्ष और इन मांगों को पूर्ण करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पटवारी संघ के प्रांताध्यक्ष चन्द्रप्रकाश टेंभरे व जिलाध्यक्ष गोपाल प्रधान सहित समस्त पटवारी संघ ने मांग की कि मृतक दोनों पटवारियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति व मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता राशि प्रदान की जाए साथ ही तहसीलदार व एसडीएम के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए इन्हें पद से पृथक किया जाए यदि ऐसा नहीं होता है तो पटवारी संघ कलमबंद्ध हड़ताल कर काम पर नहीं लौंटेंगे। पटवारी संघ ने चौराहे पर ही अपनी समस्याओं के निदान के लिए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
क्या मांगे है पटवारी संघ की
पटवारी संघ ने मांग की है कि मृतक पटवारी फिरोज खान को कोलारस तहसीलदार द्वारा मानसिक प्रताडऩा दी गई जिसके चलते उसने आत्महत्या की, इसलिए आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने वाले तहसीलदार के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज की जावे, पीडि़त पटवारी स्व.फिरोज खान के परिवार के सदस्य को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए, पीडि़त परिवार को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 5 लाख रूपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए, आरोपी अधिकारियों को तत्काल जिले से बाहर किया जाए एवं उक्त अधिकारियों को कार्यपालिक दण्डाधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर ना रखा जावे, पटवारियों से अभिलेख निरीक्षण के नाम पर अवैध वसूली न की जावे। एक ही दिवस में 20-20 हल्कों के निरीक्षण पर प्रति हल्का 1500-2000 रूपये वसूल किये जाते है तत्काल रोक लगाई जावे एवं दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए, तीन वर्ष पूर्व एसडीएम अशोक कम्ठान की प्रताडऩा से मृत पटवारी प्रकाश खटीक के सदस्य को तुरन्त अनुकम्पा नियुक्ति दी जाए व आरोपी अधिकारी अशोक कम्ठान के खिलाफ कार्यवाही की जाकर एसडीएम पद से तत्काल हटाया जाए, सभी पात्र पटवारियों की क्रमोन्नति 8-10 वर्षों से पूर्व होनी थी यह आज तक नहीं हुई है जो कि शीघ्र समयामान वेतनकान दिया जावे। पटवारियों के नियम विरूद्ध अटैचमेंट तत्काल समाप्त किए जाकर तहसीलद कार्यालय में हल्कों पर पदस्थ किया जावे। इन सभी मांगों को पूर्ण करने के लिए प्रशासन को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। मांगें पूर्ण ना होने पर कलम बंद हड़ताल की चेतावनी भी दी गई है।
नियमों का किया उल्लेख
नियमों का किया उल्लेख
पटवारी संघ ने नियमों की परिधि के तहत पटवारियों के कार्यों को करने की भी मांग की है जिसमें बताया गया है कि भू-राजस्व की वसूली कार्य को शासन द्वारा शासन पटवारी के कर्तव्य की श्रेणी में नहीं माना है एवं म.प्र.भू-अभिलेख नियमावली भाग-1 के अध्याय-1 की टिप्पणी(1)-11 नियम(2)के तहत म.प्र.पंचायत राज अधिनियम क्रं.1/1994 अधिसूचना क्रं.824-21-अ(प्रा)राजपत्र असाधारण(म.प्र.) दिनांक 25 जनवरी 1994 के द्वारा वसूली के अधिकार ग्राम पंचायतों को दिए गए है जबकि पटवारी को वसूली करने का शासन द्वारा कोई अधिकार नहीं दिया गया, फिर क्यों पटवारियों को वसूली हेतु प्रताडि़त किया जा रहा है। इसके साथ-साथ पटवारी संघ ने बताया कि परिवार नियोजन में भी पटवारियों पर जबर्दस्ती बोझ डाला जाकर नसबंदी कराने का लक्ष्य दिया गया है इस तरह दबाब में किए जाने वाले कार्य को पटवारी संघ ने अनैतिक बताया है। पटवारी संघ ने म.प्र.भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 104(2) में पटवारी की नियुक्ति एवं हल्के पर पदस्थापना के अधिकार कलेक्टर को दिए गए है किन्तु जिला शिवपुरी में उक्त अधिकारों का इस्तेमाल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा किया जा रहा है जो कि पूर्णत: गलत एवं अनुचित है जिस पर तुरंत रोक लगाई जाने की मांग की गई है।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।